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देहरादून में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई: 15 लाख की प्रतिबंधित केटामाइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, सप्लाई चेन की जांच तेज

देहरादून/विकासनगर | 27 जुलाई 2026

उत्तराखंड में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान’ के तहत पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और सेलाकुई थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 1.521 किलोग्राम प्रतिबंधित केटामाइन के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹15 लाख बताई जा रही है। पुलिस अब इस पूरे ड्रग नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और अन्य तस्करों तक पहुंचने में जुट गई है।

संयुक्त ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता

खुफिया सूचना के आधार पर एसटीएफ और एएनटीएफ ने सेलाकुई थाना पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान दो संदिग्धों को रोका गया और उनकी स्कूटी की तलाशी ली गई। जांच में स्कूटी की डिक्की से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित ड्रग केटामाइन बरामद हुई।

मौके पर मौजूद औषधि निरीक्षक ने जांच के बाद बरामद पदार्थ की पहचान केटामाइन के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया और मादक पदार्थ जब्त कर लिया।

पूछताछ में सामने आए ड्रग सप्लाई नेटवर्क के अहम सुराग

गिरफ्तार आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को ड्रग तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं। आरोपियों ने बताया कि वे यह प्रतिबंधित मादक पदार्थ खैरी गांव स्थित बर्थवाल के आम के बगीचे के पास एक अज्ञात व्यक्ति को सप्लाई करने जा रहे थे।

इस खुलासे के बाद पुलिस ने संबंधित क्षेत्र में जांच तेज कर दी है और सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।

दोनों आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  • शुभम कुमार, निवासी जमनपुर, सेलाकुई, जनपद देहरादून।
  • अंकित तिवारी, मूल निवासी नगला कल्लू, शाहाबाद देहात, जनपद हरदोई (उत्तर प्रदेश), वर्तमान निवासी सेलाकुई, देहरादून।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद स्कूटी को भी जब्त कर लिया है और उसके उपयोग की जांच की जा रही है।

एसटीएफ कर रही पूरे नेटवर्क की पड़ताल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) अजय सिंह ने बताया कि एएनटीएफ को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि बरामद केटामाइन की मात्रा और उससे जुड़े तथ्यों को देखते हुए मामला केवल दो आरोपियों तक सीमित नहीं माना जा रहा है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह प्रतिबंधित ड्रग कहां से लाई गई, किन माध्यमों से इसकी तस्करी की जा रही थी और इसका अंतिम खरीदार कौन था। पूरे नेटवर्क की जांच के लिए तकनीकी और स्थानीय स्तर पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत लगातार कार्रवाई

उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि राज्य सरकार के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान’ के तहत नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि मादक पदार्थों की पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करना भी है।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

निष्कर्ष

देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में प्रतिबंधित केटामाइन की बड़ी खेप पकड़े जाने से उत्तराखंड में सक्रिय ड्रग तस्करी नेटवर्क का एक और मामला सामने आया है। एसटीएफ और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया है। अब जांच एजेंसियों का फोकस पूरे सप्लाई नेटवर्क का खुलासा कर इसमें शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाने पर है।

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