गढ़वाल मंडल विकास निगम, चारधाम यात्रा और अनुसूचित जाति आयोग में किए गए महत्वपूर्ण मनोनयन
देहरादून | 5 जून 2026
उत्तराखंड की धामी सरकार ने विभिन्न बोर्डों, निगमों और आयोगों में नई नियुक्तियां करते हुए भाजपा से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। शासन की ओर से जारी आदेशों के तहत कई नेताओं को सरकार और प्रशासनिक तंत्र से जुड़े अहम पदों पर नामित किया गया है। इन नियुक्तियों को संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न संस्थाओं के संचालन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार देहरादून निवासी और डीएवी कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष पारस गोयल को गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) में गैर-सरकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। छात्र राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पारस गोयल को यह जिम्मेदारी मिलने के बाद समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।
इसी क्रम में भाजपा नेता विशाल गुप्ता को भी गढ़वाल मंडल विकास निगम में गैर-सरकारी निदेशक के पद पर नामित किया गया है। पर्यटन और विकास से जुड़े विषयों में उनकी सक्रियता को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति से निगम की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों को नई दिशा मिल सकती है।
गढ़वाल मंडल विकास निगम में ही ऋतु मिश्रा को भी गैर-सरकारी निदेशक के पद की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मानना है कि निगम के संचालन और पर्यटन विकास से जुड़े मामलों में उनके अनुभव का लाभ संस्थान को मिलेगा। तीनों नियुक्तियों को निगम की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी सरकार ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। सीमांत जनपद चमोली के जोशीमठ निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता माधव सेमवाल को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अंतर्गत चारधाम यात्रा से संबंधित मामलों के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया है। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में लंबे समय से सक्रिय माधव सेमवाल को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है जब चारधाम यात्रा प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सरकार ने अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े मुद्दों और कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी को और मजबूत करने के उद्देश्य से चंपावत निवासी मनोज कालाकोटी को उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग का उपाध्यक्ष नामित किया है। आयोग में उनकी नियुक्ति को सामाजिक न्याय और जनकल्याण से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के माध्यम से सरकार ने संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मान देने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में अनुभवी लोगों को जिम्मेदारी सौंपने का संदेश दिया है। इससे सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ने की संभावना है।
भाजपा संगठन के भीतर भी इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से पार्टी के लिए कार्य कर रहे नेताओं को नई जिम्मेदारियां मिलने से कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश गया है। साथ ही सरकार ने पर्यटन, धार्मिक प्रबंधन और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई ऊर्जा के साथ काम करने की मंशा भी जाहिर की है।
निष्कर्ष
धामी सरकार द्वारा की गई नई नियुक्तियां राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। गढ़वाल मंडल विकास निगम, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और अनुसूचित जाति आयोग जैसे प्रमुख संस्थानों में नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर सरकार ने संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताया है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का प्रभाव संबंधित संस्थाओं की कार्यप्रणाली और प्रदेश के विकासात्मक कार्यों में देखने को मिल सकता है।


