अस्कोट में पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या का मामला, पुलिस को त्वरित व निष्पक्ष जांच के निर्देश
स्थान: देहरादून/पिथौरागढ़ | तारीख: 1 मई 2026
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के अस्कोट क्षेत्र में हुई नृशंस हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है और पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
आयोग अध्यक्ष ने धारचूला के पुलिस क्षेत्राधिकारी से दूरभाष पर बातचीत कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और अब तक की कार्रवाई का ब्यौरा मांगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस जघन्य अपराध की जांच तेजी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरी की जाए, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पति ने कथित तौर पर पत्नी के अन्य व्यक्ति से संबंधों के शक में आकर इस निर्मम हत्या को अंजाम दिया। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कुसुम कंडवाल ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता और इस तरह का कृत्य कानून का गंभीर उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि वैवाहिक या पारिवारिक विवादों का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून को अपने हाथ में लेना अस्वीकार्य है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कुसुम कंडवाल ने समाज से अपील की कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी परिस्थिति में हिंसक रास्ता न अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी रिश्ते में सामंजस्य नहीं रह जाता, तो कानूनी तरीके से अलग होना ही एक सभ्य और उचित विकल्प है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में न्याय मिलने तक निरंतर निगरानी रखी जाएगी और पीड़ित पक्ष को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही, इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त सजा को आवश्यक बताया गया है, ताकि भविष्य में ऐसे कृत्यों की पुनरावृत्ति न हो।
निष्कर्ष
पिथौरागढ़ की यह घटना समाज में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता का संकेत है। महिला आयोग के सख्त रुख से स्पष्ट है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।



