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बीजेपी विधायक के कथित पत्र से उत्तराखंड की राजनीति गरमाई, कांग्रेस ने धामी सरकार पर साधा निशाना

वायरल लेटर में गंभीर आरोपों का दावा, कांग्रेस ने न्यायिक जांच की उठाई मांग

स्थान: देहरादून | तारीख: 1 मई 2026

उत्तराखंड की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब बीजेपी विधायक के नाम से जुड़ा एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पत्र को लेकर कांग्रेस ने राज्य की धामी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सियासी हमला तेज कर दिया है।


कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने वायरल पत्र का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि इस पत्र में सरकार और प्रशासन से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।


यह कथित पत्र गदरपुर से बीजेपी विधायक अरविंद पांडे के नाम से वायरल हो रहा है। कांग्रेस का कहना है कि पत्र में विधायक के हस्ताक्षर और लेटर पैड का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। हालांकि, पत्र की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।


गणेश गोदियाल के अनुसार, वह पिछले तीन वर्षों से एक महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर राज्यपाल से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। ऐसे में यह मामला अब सार्वजनिक मंच पर सामने लाया जा रहा है।


वायरल पत्र में कथित तौर पर मुख्यमंत्री पर राजनीतिक षड्यंत्र रचने, फर्जी मुकदमे दर्ज कराने और दबाव बनाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। पत्र में 13 मार्च 2025 और 20 जनवरी 2026 को दर्ज मामलों का भी जिक्र किया गया है, जिनके जरिए परिवार को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है।


इसके अलावा पत्र में पुलिस अधिकारियों की भूमिका, एसएसपी के माध्यम से धमकी दिलाने और राजनीतिक गुटबाजी को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोपों का भी उल्लेख बताया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यदि सत्ता पक्ष का विधायक ही इस तरह की शिकायत कर रहा है, तो राज्य में आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।


कांग्रेस ने इस पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में जांच कराने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार केवल कागजों में विकास दिखा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात चिंताजनक हैं।


निष्कर्ष
बीजेपी विधायक के कथित पत्र ने उत्तराखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि पत्र की सत्यता की पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन विपक्ष के आरोपों ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि इस मामले में जांच होती है या सियासत और तेज होती है।

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