उत्तराखंड में रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार, बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड गिरावट; प्रति व्यक्ति आय 41 प्रतिशत बढ़ी
देहरादून | 18 नवंबर 2025
उत्तराखंड में रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक संकेत सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि रोजगारोन्मुखी नीतियों और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण के कारण राज्य में निवेश तेजी से बढ़ा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
शुक्रवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यह देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
30 से अधिक नीतियों से निवेश को मिला बढ़ावा, 3.56 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य सरकार ने उद्योग और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों का परिणाम यह रहा कि उत्तराखंड में अब तक 3.56 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है।
उन्होंने कहा कि इनमें से लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है और विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुले हैं।
युवा शक्ति को बताया विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की ऊर्जा और क्षमताओं को सही दिशा और उचित अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है।
केंद्र सरकार की योजनाओं से युवाओं को मिल रहे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं ने युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति लागू की गई है। साथ ही कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकें।
स्वरोजगार योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना तथा दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के माध्यम से हजारों युवाओं को स्वरोजगार और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इन योजनाओं के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है और पलायन रोकने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार के प्रयासों का प्रभाव राज्य की आर्थिक स्थिति पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पिछले एक वर्ष के दौरान उत्तराखंड के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके साथ ही राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि रिवर्स पलायन के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में देश में प्रथम स्थान पर उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को “अचीवर्स” और स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” श्रेणी में स्थान मिला है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय हैं और राज्य के विकास मॉडल की सफलता को दर्शाती हैं।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 24 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के छह हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को लाभ मिला है। इस योजना के तहत राज्य में 24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना से 15 लाख से अधिक युवाओं को लाभ पहुंचा है तथा लगभग 2,400 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों तक पहुंचाई गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना से जुड़े लाभार्थी युवाओं और नियोक्ताओं को सम्मानित भी किया।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास के मोर्चे पर सामने आए ताजा आंकड़े राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश करते हैं। बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड गिरावट, प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि और निवेश के बढ़ते आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि उत्तराखंड तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। सरकार की रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार आधारित नीतियां आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं और अर्थव्यवस्था के लिए और अधिक अवसर पैदा कर सकती हैं।


