फरवरी में हुई परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह का खुलासा, रिमोट एक्सेस तकनीक से अभ्यर्थियों को दिलाई जा रही थी मदद
देहरादून | 5 मई 2026
उत्तराखंड में बहुचर्चित यूकेएसएसएससी परीक्षा नकल कांड में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे इस गिरोह के मुख्य सरगना को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पकड़ा गया है, जिससे पूरे नेटवर्क के कई अहम राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रिमोट तकनीक से कराई जा रही थी नकल
जानकारी के मुताबिक, 13 फरवरी 2026 को आयोजित उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की मल्टीटास्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ और हवलदार भर्ती परीक्षा के दौरान नकल कराने का मामला सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अपने निजी लैब के जरिए रिमोट एक्सेस तकनीक का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को परीक्षा में सहायता पहुंचा रहा था।
गुप्त सूचना पर STF की कार्रवाई
एसटीएफ को परीक्षा केंद्र पर अनुचित गतिविधियों की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परीक्षा केंद्र के पास बने यूपीएस रूम में छापा मारा। वहां एक ग्राउंड चैंबर बनाकर तकनीकी उपकरणों के माध्यम से रिमोट एक्सेस से नकल कराने की व्यवस्था की गई थी। मौके से उपकरण जब्त कर लैब को सील कर दिया गया।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में पुलिस पहले ही गिरोह के दो सदस्यों—नितिश कुमार और भास्कर नैथानी—को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोपियों द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का लालच दिया जाता था और चयन के बाद पद के ग्रेड पे के आधार पर मोटी रकम वसूली जाती थी।
मुख्य सरगना की पहचान और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए 14 फरवरी को कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। जांच के दौरान गिरोह के मुख्य सरगना की पहचान शुभम भटनागर निवासी विजयनगर, थाना कुतुबशेर, जनपद सहारनपुर के रूप में हुई। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था।
लगातार तकनीकी और मानव स्रोतों से इनपुट जुटाने के बाद एसटीएफ टीम ने 4 अप्रैल 2026 को सहारनपुर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आए अहम सुराग
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच जारी है।
निष्कर्ष:
यूकेएसएसएससी परीक्षा नकल कांड में मुख्य सरगना की गिरफ्तारी से जांच को निर्णायक दिशा मिली है। यह कार्रवाई न केवल परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बहाल करने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि भविष्य में ऐसे संगठित नकल गिरोहों पर सख्ती से लगाम लगाने का स्पष्ट संदेश भी देती है। STF की आगे की जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।


