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राहुल गांधी का काफिला बीच रास्ते रुका, पेड़ों की कटाई के विरोध में धरने पर बैठे पर्यावरण प्रेमियों से की मुलाकात; लोकसभा में मुद्दा उठाने का दिया भरोसा

डोईवाला (देहरादून) | 18 जुलाई 2026

देहरादून में आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में युवाओं से संवाद करने के बाद कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का काफिला उस समय कुछ देर के लिए रुक गया, जब डोईवाला क्षेत्र में एयरपोर्ट–ऋषिकेश मार्ग पर सात मोड़ के निकट पर्यावरण संरक्षण को लेकर धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने उनसे मुलाकात का अनुरोध किया। राहुल गांधी ने अपना वाहन रुकवाकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और पर्यावरण से जुड़े इस मुद्दे को संसद में उठाने का भरोसा दिया।

एयरपोर्ट–ऋषिकेश मार्ग के चौड़ीकरण और 4-6 लेन परियोजना के तहत प्रस्तावित लगभग 4000 पेड़ों की कटाई के विरोध में स्थानीय नागरिक, पर्यावरण प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता पिछले 11 दिनों से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़क विकास जरूरी है, लेकिन हजारों पेड़ों की कटाई से क्षेत्र की जैव विविधता, वन्यजीवों और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

राहुल गांधी के काफिले के रुकने के बाद आंदोलनकारियों ने उन्हें अपनी मांगों और आंदोलन के दौरान सामने आई कठिनाइयों से अवगत कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा। उन्होंने परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों पर पुनर्विचार करने और वैकल्पिक समाधान तलाशने की मांग दोहराई।

इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता शालू भाटिया भावुक हो गईं। उन्होंने राहुल गांधी को बताया कि आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप था कि धरने में शामिल लोगों को परेशान किया जा रहा है, आंदोलन में शामिल कुछ बच्चों को भी हिरासत में लिया गया तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद उन्हें मानसिक और प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।राहुल गांधी ने आंदोलनकारियों की पूरी बात गंभीरता से सुनी और कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस मुद्दे की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय को लोकसभा में उठाया जाएगा ताकि राष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले पर चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है और जनता की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल से भी आंदोलनकारियों के संपर्क में बने रहने और उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों पर जनता के साथ खड़ी रहेगी।

राहुल गांधी की इस मुलाकात के बाद धरनास्थल पर मौजूद पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए है। उनका मानना है कि विकास परियोजनाओं में पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

गौरतलब है कि देहरादून-ऋषिकेश 4-6 लेन परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ों की कटाई को लेकर पिछले कई दिनों से पर्यावरण संगठनों और स्थानीय नागरिकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक लगाने और सभी संबंधित पक्षों से दोबारा संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में यह मुद्दा अब पर्यावरण, विकास और राजनीति—तीनों के केंद्र में आ गया है।

निष्कर्ष

देहरादून से लौटते समय राहुल गांधी का आंदोलनकारियों के बीच रुककर संवाद करना इस पर्यावरणीय विवाद को नई राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में ले आया है। एक ओर आंदोलनकारी पेड़ों के संरक्षण की मांग पर अडिग हैं, वहीं सरकार ने भी फिलहाल पेड़ों की कटाई पर रोक लगाकर संवाद का रास्ता चुना है। अब आगे की दिशा सरकार, स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों के बीच होने वाली वार्ता पर निर्भर करेगी।

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