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हरिद्वार में अतिक्रमण कार्रवाई बनी विवाद की वजह, निगम कर्मचारियों और व्यापारियों के टकराव से बंद हुआ बाजार

हरिद्वार | 09 जून 2026

हरिद्वार में मंगलवार को नगर निगम प्रशासन और व्यापारियों के बीच अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते बड़े टकराव में बदल गया। चालान काटने को लेकर हुई नोकझोंक के बाद निगम कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि निगम कर्मचारियों ने विरोधस्वरूप कार्य बहिष्कार कर दिया, जबकि व्यापारियों ने बाजार बंद कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब निगम कर्मचारियों ने अपर बाजार में एक व्यापारी की दुकान के बाहर कूड़े से भरी ट्रॉली पलट दी।


अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान शुरू हुआ विवाद

प्रशासन आगामी कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले की तैयारियों के मद्देनजर शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को नगर निगम की टीम अपर बाजार क्षेत्र में पहुंची। टीम व्यापारी नेता संजीव नैय्यर के अमृतसरी ढाबे के बाहर नाले के स्लैब पर रखे जनरेटर को हटाने और चालान की कार्रवाई करने लगी।

इसी दौरान व्यापारी नेता और निगम अधिकारियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते अन्य व्यापारी भी मौके पर पहुंच गए और विवाद बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।


निगम अधिकारियों ने लगाए अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा के आरोप

सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने निगम कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने दावा किया कि सफाई निरीक्षक का कॉलर पकड़ने के साथ चालान बुक छीनने और फाड़ने का प्रयास भी किया गया।

घटना के बाद दीपक गोस्वामी ने नगर कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत दी और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।


कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार, कोतवाली के बाहर प्रदर्शन

घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम के सैकड़ों कर्मचारी आक्रोशित हो गए। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए नगर कोतवाली के बाहर धरना शुरू कर दिया। विरोध जताने के लिए कूड़ा उठाने वाले वाहन भी कोतवाली परिसर के बाहर खड़े कर दिए गए।

कर्मचारियों ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।


बाजार में पलटी कूड़े से भरी ट्रॉली, व्यापारियों में बढ़ा रोष

इसी बीच कुछ निगम कर्मचारी अपर बाजार पहुंच गए और व्यापारी नेता संजीव नैय्यर के ढाबे के सामने कूड़े से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पलट दी। बाजार के बीच सड़क पर फैले कूड़े और खड़े वाहनों के कारण यातायात बाधित हो गया तथा जाम की स्थिति बन गई।

इस घटना से व्यापारियों का गुस्सा और बढ़ गया। व्यापारियों ने इसे प्रशासन की मनमानी बताते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।


व्यापारियों ने किया बाजार बंद, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

कूड़ा डाले जाने की घटना के बाद अपर बाजार के व्यापारियों ने सामूहिक रूप से बाजार बंद करने का निर्णय लिया। देखते ही देखते क्षेत्र की सैकड़ों दुकानें बंद हो गईं और व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

व्यापारियों का आरोप था कि एक ओर प्रशासन वार्ता के लिए बुला रहा था, वहीं दूसरी ओर निगम कर्मचारियों द्वारा बाजार में कूड़ा डालकर माहौल खराब किया गया।


अधिकारियों ने संभाली स्थिति, देर शाम हुई वार्ता

मामले की गंभीरता को देखते हुए शाम करीब छह बजे सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरी, एसडीएम योगेश मेहरा, एसपी सिटी अभय सिंह तथा सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी धरनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ बातचीत की और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।

आश्वासन मिलने के बाद व्यापारियों ने अपना धरना समाप्त किया। इसके पश्चात जेसीबी मशीन की सहायता से बाजार में फैला कूड़ा हटवाया गया और यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया गया।


क्या बोले व्यापारी नेता?

व्यापारी नेता संजीव नैय्यर ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने वार्ता के लिए बुलाने के बावजूद उनकी दुकान के सामने कूड़ा डलवा दिया, जो व्यापारियों का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशैली स्वीकार नहीं की जाएगी और व्यापारियों ने इसी के विरोध में बाजार बंद किया।

वहीं व्यापारी नेता संदीप शर्मा ने कहा कि व्यापार मंडल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में सहयोग कर रहा है, लेकिन निगम कर्मचारियों ने जनरेटर हटाने के लिए पर्याप्त समय दिए बिना सीधे चालान की कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ।


निगम प्रशासन का पक्ष

सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी ने कहा कि भीमगोड़ा से वाल्मीकि चौक तक नाले पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई चल रही थी। अमृतसरी ढाबे के बाहर नाले पर जनरेटर रखकर अतिक्रमण किया गया था। जब चालान की प्रक्रिया शुरू की गई तो कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई, धक्का-मुक्की की और चालान बुक छीनने का प्रयास किया। इस संबंध में पुलिस को शिकायत देकर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।


निष्कर्ष

हरिद्वार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उपजा विवाद प्रशासन और व्यापारियों के बीच बढ़ते अविश्वास को उजागर करता है। एक ओर नगर निगम कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले से पहले शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की कोशिश में जुटा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान संवाद और संवेदनशीलता की कमी रही। फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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