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हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान बहा कांवड़िया, तेज धारा में हुआ लापता; जल पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी

हरिद्वार | 9 अगस्त 2026

कांवड़ मेले के बीच हरिद्वार में रविवार को एक और दर्दनाक हादसा सामने आया। हरकी पैड़ी के पास धनुष पुल के नीचे गंगा स्नान कर रहा एक कांवड़िया तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते गहरे पानी में लापता हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद कांवड़ियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही जल पुलिस और पीएसी की राहत एवं बचाव टीमों ने गंगा में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।

रेलिंग के बाहर खड़े होकर कर रहा था स्नान

जानकारी के अनुसार कांवड़िया धनुष पुल के नीचे गंगा में स्नान कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग के बाहर खड़ा होकर गंगा में डुबकी लगा रहा था। जैसे ही उसने पानी में छलांग लगाई, गंगा की तेज धारा उसे अपने साथ बहाकर ले गई।

आसपास मौजूद शिवभक्तों ने घटना को देखा और शोर मचाकर मदद के लिए लोगों को बुलाया, लेकिन कुछ ही क्षणों में कांवड़िया पानी की तेज धार में ओझल हो गया। इसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

जल पुलिस और पीएसी ने शुरू किया तलाशी अभियान

घटना की जानकारी मिलते ही जल पुलिस और पीएसी की राहत एवं बचाव टीम मौके पर पहुंची। जवानों ने नावों और उपलब्ध अन्य संसाधनों की मदद से गंगा में कांवड़िए की तलाश शुरू कर दी।

पुलिस टीम गंगा की धारा के संभावित बहाव वाले क्षेत्रों में भी खोज अभियान चला रही है। वहीं मौके पर मौजूद लोगों से कांवड़िए के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उसकी पहचान और उसके साथ आए लोगों के बारे में पता लगाया जा सके।

कांवड़िए के डूबने का वीडियो भी सामने आया

हादसे से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। बताया जा रहा है कि घटना के समय वहां मौजूद एक शिवभक्त मोबाइल से वीडियो बना रहा था। इसी दौरान कांवड़िए के गंगा में डूबने की घटना भी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

वीडियो के आधार पर भी घटना के क्रम और कांवड़िए के गंगा में जाने की दिशा को समझने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रतिबंधित स्थानों पर स्नान से लगातार हो रहे हादसे

हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने की अपील कर रहा है। गंगा के तेज बहाव को देखते हुए कई स्थानों पर सुरक्षा रेलिंग लगाई गई हैं और कुछ क्षेत्रों में स्नान प्रतिबंधित किया गया है।

इसके बावजूद कुछ श्रद्धालु रेलिंग पार कर प्रतिबंधित और खतरनाक स्थानों तक पहुंच जाते हैं। गंगा में पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा नहीं होने के कारण ऐसे स्थानों पर हादसे का खतरा लगातार बना रहता है।

कांवड़ मेले में डूबने की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

कांवड़ मेले के दौरान गंगा में डूबने की घटनाएं प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मेले की अवधि में इससे पहले भी अलग-अलग घटनाओं में कांवड़ियों के गंगा में डूबने के मामले सामने आ चुके हैं।

बताया गया है कि अब तक तीन अलग-अलग घटनाओं में सात कांवड़िए गंगा में डूब चुके हैं। इनमें चार कांवड़ियों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अभी भी लापता हैं। रविवार को धनुष पुल के नीचे हुए हादसे के बाद तलाश अभियान को और तेज कर दिया गया है।

सीओ सिटी ने की सुरक्षित स्नान की अपील

हरिद्वार के सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि गंगा में डूबे कांवड़िए की तलाश के लिए सर्च अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कांवड़ियों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन की ओर से निर्धारित सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालु प्रतिबंधित घाटों और खतरनाक स्थानों की ओर न जाएं तथा सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग को पार न करें। गंगा के तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद लापरवाही पड़ रही भारी

कांवड़ मेले में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। जल पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बल लगातार संवेदनशील घाटों पर निगरानी कर रहे हैं।

इसके बावजूद सुरक्षा घेरों के बाहर जाकर स्नान करने की कोशिश श्रद्धालुओं की जान पर भारी पड़ रही है। प्रशासन की ओर से लगातार चेतावनी दिए जाने के बाद भी इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता बढ़ाने वाला है।

निष्कर्ष

हरिद्वार में धनुष पुल के नीचे कांवड़िए के गंगा में बहने की घटना एक बार फिर बताती है कि तेज बहाव वाले क्षेत्रों में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल जल पुलिस और पीएसी की टीमें लापता कांवड़िए की तलाश में जुटी हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से स्पष्ट अपील की है कि वे निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें और किसी भी स्थिति में सुरक्षा रेलिंग पार कर गंगा के तेज बहाव वाले हिस्से में न जाएं।

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