जून 2026 | देहरादून, उत्तराखंड
देहरादून। भारतीय खेल जगत के लिए बेहद दुखद खबर सामने आई है। विश्व प्रसिद्ध निशानेबाज, पद्मश्री सम्मानित शूटर और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले जसपाल राणा अब हमारे बीच नहीं रहे। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उनका उपचार चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे देश, विशेषकर खेल जगत और उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई।
देर शाम उनका पार्थिव शरीर देहरादून स्थित उनके आवास पर पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री धामी बोले – देश का गौरव थे जसपाल राणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जसपाल राणा के निधन को भारतीय खेल जगत की अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने बहुत कम उम्र में ही असाधारण उपलब्धियां हासिल कर पूरी दुनिया में भारत और उत्तराखंड का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा केवल एक सफल खिलाड़ी ही नहीं थे, बल्कि एक कुशल प्रशिक्षक भी थे, जिन्होंने अनेक युवा खिलाड़ियों को तैयार कर देश को नई प्रतिभाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महज 49 वर्ष की आयु में उनका इस दुनिया से चले जाना अत्यंत दुखद है। उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन और समर्पण की मिसाल रहा है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जताया गहरा शोक
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जसपाल राणा के आकस्मिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से खेल जगत, समाज और उत्तराखंड ने एक अमूल्य धरोहर खो दी है। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और उपलब्धियों से देश के करोड़ों युवाओं को प्रेरित किया।
महेंद्र भट्ट ने अपने शोक संदेश में कहा कि उनका असमय निधन अत्यंत पीड़ादायक है। खेल और समाज में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा और आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा लेती रहेंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस महान खिलाड़ी का जाना भारतीय खेल जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। निशानेबाजी में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने देश को अनेक गौरवपूर्ण क्षण दिए और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का सम्मान बढ़ाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा ने केवल खुद ही उपलब्धियां हासिल नहीं कीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों को तराशने और उन्हें आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के साथ हैं।
खेल मंत्री रेखा आर्या बोलीं – देवभूमि ने अपना एक अनमोल सपूत खो दिया
उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि देवभूमि की माटी के इस महान सपूत का जाना ऐसा शून्य है जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा फहराकर देश और राज्य का गौरव बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि उनका मार्गदर्शन, उनका व्यक्तित्व और खेल के प्रति उनका समर्पण हमेशा स्वर्ण अक्षरों में याद किया जाएगा। खेल मंत्री ने बाबा केदारनाथ और भगवान बदरीविशाल से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी दी श्रद्धांजलि
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि जसपाल राणा का निधन केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में उनकी उपलब्धियां सदैव याद रखी जाएंगी। उन्होंने अपने खेल कौशल से राज्य और देश का मान बढ़ाया तथा नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया।
गोदियाल ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करें।
युवा खिलाड़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा रहेंगे जसपाल राणा
जसपाल राणा ने अपने शानदार करियर के दौरान निशानेबाजी की दुनिया में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने देश के लिए अनेक पदक जीते और बाद के वर्षों में एक प्रशिक्षक के रूप में भी नई प्रतिभाओं को निखारने का कार्य किया। खेल के प्रति उनका समर्पण और अनुशासन उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाता था।
उनकी उपलब्धियां और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। भारतीय खेल जगत में उनका नाम सदैव सम्मान और गर्व के साथ लिया जाएगा।
निष्कर्ष
पद्मश्री सम्मानित निशानेबाज जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल इतिहास की एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। उन्होंने अपने प्रदर्शन, समर्पण और मार्गदर्शन से न केवल भारत को विश्व मंच पर गौरवान्वित किया, बल्कि हजारों युवा खिलाड़ियों के सपनों को भी नई दिशा दी। उनका जीवन और योगदान सदैव याद रखा जाएगा। पूरा देश आज इस महान खिलाड़ी को नम आंखों से अंतिम विदाई दे रहा है और उनकी अमिट स्मृतियों को नमन कर रहा है।


