ऋषिकेश (देहरादून) | 11 जून 2026
मजाक में लगाए ‘लापता’ के पोस्टर, इनाम में रखी सिगरेट की डिब्बी; सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद परिवार ने दर्ज कराई शिकायत
ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश में दोस्तों के बीच हुआ एक अनोखा मजाक उस समय विवाद का कारण बन गया, जब नाराज दोस्त को मनाने के लिए युवकों ने उसकी गुमशुदगी के पोस्टर शहरभर में चस्पा कर दिए। पोस्टरों में युवक की तस्वीर लगाकर उसे ‘लापता’ बताया गया और उसे खोजकर लाने वाले के लिए सिगरेट की एक डिब्बी इनाम के रूप में घोषित कर दी गई। मामला तब गंभीर हो गया, जब इन पोस्टरों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और युवक व उसके परिजनों की नजर उस पर पड़ी। इसके बाद मामला सीधे पुलिस तक पहुंच गया।
बातचीत बंद होने के बाद दोस्तों ने अपनाया अनोखा तरीका
जानकारी के अनुसार, रेलवे रोड क्षेत्र का रहने वाला एक युवक एक निजी संस्था में कार्यरत है। कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर उसकी अपने तीन दोस्तों से कहासुनी हो गई थी। विवाद के बाद उसने अपने दोस्तों से बातचीत पूरी तरह बंद कर दी। कई दिनों तक बातचीत न होने पर दोस्तों ने उसे मनाने के लिए एक अनोखा और कथित तौर पर मजाकिया तरीका अपनाया।
तीनों दोस्तों ने युवक की तस्वीर के साथ ‘गुमशुदा’ लिखवाकर पोस्टर तैयार कराए और उन्हें शहर के अलग-अलग स्थानों पर चिपका दिया। उनका उद्देश्य दोस्त को हंसाना और दोबारा बातचीत शुरू कराना था, लेकिन यह मजाक बाद में उनके लिए मुश्किल का कारण बन गया।
बस अड्डे से लेकर मोहल्लों तक लगाए गए पोस्टर
बताया जा रहा है कि युवकों ने पोस्टर अंतरराज्यीय बस अड्डा परिसर, आशुतोष नगर और शहर की कई अन्य सार्वजनिक दीवारों पर लगाए। पोस्टरों में युवक की फोटो के साथ गुमशुदगी का संदेश लिखा गया था। इतना ही नहीं, उसे खोजकर लाने वाले के लिए ‘एक सिगरेट की डिब्बी’ इनाम के रूप में देने की भी बात पोस्टर में लिखी गई थी।
इसके बाद दोस्तों ने पोस्टर लगाए जाने का वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर दिया, जिससे यह मामला तेजी से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो वायरल होने पर परिवार पहुंचा पुलिस के पास
मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब संबंधित युवक और उसके परिजनों ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो देखा। बिना जानकारी के युवक की तस्वीर और गुमशुदगी संबंधी पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने से परिवार नाराज हो गया। परिजनों ने इसे गंभीरता से लेते हुए ऋषिकेश कोतवाली पहुंचकर संबंधित युवकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित युवकों को पूछताछ के लिए बुलाया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
पूछताछ में सामने आई ‘मजाक’ की कहानी
पुलिस पूछताछ के दौरान एक युवक ने बताया कि उनका दोस्त कई दिनों से उनसे बात नहीं कर रहा था। उसे मनाने और पुराने रिश्ते को फिर से सामान्य करने के उद्देश्य से उन्होंने यह कदम उठाया था। उनका दावा था कि यह सब केवल मजाक के तौर पर किया गया और किसी को परेशान करने या बदनाम करने की मंशा नहीं थी।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की तस्वीर और पहचान का इस तरह सार्वजनिक इस्तेमाल करना और भ्रामक जानकारी प्रसारित करना गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है, जिससे अनावश्यक भ्रम और सामाजिक असुविधा उत्पन्न हो सकती है।
पुलिस ने दी चेतावनी, की चालानी कार्रवाई
ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने बताया कि मामले में शामिल सभी युवकों को थाने बुलाकर समझाइश दी गई। उन्हें भविष्य में इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना और भ्रामक मजाक से बचने की सख्त चेतावनी दी गई है। साथ ही उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की गई, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करते समय नागरिकों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए, क्योंकि छोटी-सी लापरवाही भी अनावश्यक विवाद और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है।
सोशल मीडिया के दौर में बढ़ी जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के बीच किसी भी व्यक्ति की तस्वीर या निजी जानकारी का बिना अनुमति इस्तेमाल करना गंभीर सामाजिक और कानूनी परिणाम पैदा कर सकता है। मजाक और मनोरंजन की आड़ में की गई ऐसी गतिविधियां कई बार संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार के लिए मानसिक तनाव का कारण बन जाती हैं।
निष्कर्ष
ऋषिकेश का यह मामला इस बात का उदाहरण है कि दोस्ती में किया गया एक छोटा-सा मजाक भी अगर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के बिना किया जाए तो वह विवाद और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। पुलिस ने युवकों को चेतावनी देकर मामला शांत तो करा दिया, लेकिन इस घटना ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर व्यक्तिगत जानकारी के उपयोग को लेकर सतर्क रहने का संदेश भी दिया है।


