स्थान : नई दिल्ली/देहरादून, उत्तराखंड
तारीख : 11 जून 2026
मानव संसाधन, शिक्षा, नवाचार और युवा सशक्तीकरण पर दिया जोर, प्रधानमंत्री को कुंभ और नंदा राजजात यात्रा का दिया निमंत्रण
नई दिल्ली/देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के समग्र विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप ‘विकसित उत्तराखंड’ की अवधारणा को सामने रखते हुए शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी नवाचार, पर्यटन, ग्रीन एनर्जी और मानव संसाधन विकास को राज्य की प्राथमिकता बताया। इसके साथ ही उन्होंने हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन के लिए विशेष राष्ट्रीय नीति और अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मानव पूंजी को बताया विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत
नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी साकार होगा, जब देश की मानव पूंजी को मजबूत किया जाएगा। इसी सोच के अनुरूप उत्तराखंड सरकार शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और युवा सशक्तीकरण के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य में प्रारंभिक बाल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है, जबकि स्कूलों में स्मार्ट क्लास, वर्चुअल क्लासरूम और कौशल आधारित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित कर युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्टार्टअप सेक्टर पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत के पास अपार संभावनाएं हैं। इन उभरते क्षेत्रों में उत्तराखंड को भी अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं।
उन्होंने बताया कि देवभूमि उद्यमिता विकास योजना, स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम, उद्योग-अकादमिक सहयोग मॉडल तथा आईटीआई संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।
‘विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड’ के मंत्र पर आगे बढ़ रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड’ के विजन के साथ कार्य कर रही है। बीते कुछ वर्षों में कृषि, उद्योग, पर्यटन, ऊर्जा और सेवा क्षेत्र को एकीकृत विकास मॉडल के रूप में आगे बढ़ाने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की गई हैं।
उन्होंने दावा किया कि इन नीतियों के सकारात्मक परिणाम राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश, रोजगार के अवसरों और प्रति व्यक्ति आय में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि विकास के सभी क्षेत्रों में संतुलित और दीर्घकालिक योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।
प्राकृतिक खेती, योग और ग्रीन एनर्जी को बनाया भविष्य का विकास इंजन
बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती, बागवानी, औषधीय पौधों की खेती, योग एवं वेलनेस, पर्यटन और हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) को भविष्य के विकास के प्रमुख आधार के रूप में विकसित कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड को नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी, वेलनेस इकोनॉमी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने के लिए कार्य कर रही है। हिमालय, गंगा, यमुना और प्रदेश का विशाल वन क्षेत्र केवल उत्तराखंड की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य प्राकृतिक संपदा हैं, जिनके संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष प्रयास आवश्यक हैं।
हिमालयी राज्यों के लिए विशेष आपदा प्रबंधन नीति की उठाई मांग
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की बैठक में जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती चुनौतियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से भिन्न हैं, इसलिए उनके लिए आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने हेतु विशेष राष्ट्रीय नीति बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पर्वतीय राज्यों को आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, आधारभूत संरचना और पर्यावरण संरक्षण के लिए अतिरिक्त वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि इन संवेदनशील क्षेत्रों का सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
सुशासन और डिजिटल नवाचार को बताया विकास का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार सुशासन और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू कर रही है। देवभूमि परिवार पहचान योजना, खनन क्षेत्र में डिजिटल निगरानी प्रणाली, भूमि उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया का ऑनलाइन सरलीकरण और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कदमों ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया है।
इसके अलावा राज्य नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीरुल (चीड़ की पत्तियों) आधारित ऊर्जा उत्पादन जैसे नवाचार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री को दी बधाई, कुंभ और नंदा राजजात का दिया निमंत्रण
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार 12 वर्ष के प्रभावशाली जनादेश और राष्ट्रसेवा के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकतांत्रिक इतिहास में दीर्घकालिक नेतृत्व और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण का नया उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा नीति आयोग के सभी सदस्यों को उत्तराखंड में अगले वर्ष आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध कुंभ मेला और नंदा राजजात यात्रा में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया।
निष्कर्ष
नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के विकास को शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास, हरित ऊर्जा और सतत विकास से जोड़ते हुए राज्य का दीर्घकालिक विजन प्रस्तुत किया। साथ ही हिमालयी राज्यों के लिए विशेष आपदा प्रबंधन नीति और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अलग रणनीति की वकालत कर उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की चुनौतियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया। बैठक में प्रस्तुत यह रोडमैप आने वाले वर्षों में ‘विकसित उत्तराखंड’ के लक्ष्य को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।


