देहरादून, 13 जून 2026
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में शनिवार को आयोजित 158वीं पासिंग आउट परेड (POP) सैन्य इतिहास के स्वर्णिम पलों में दर्ज हो गई। सैन्य परंपरा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से ओतप्रोत इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति एवं भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके समक्ष 515 जेंटलमैन कैडेट्स ने ऐतिहासिक ‘अंतिम पग’ पार कर भारतीय सेना और मित्र देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में अपना नया सफर शुरू किया।
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481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी
इस बार की पासिंग आउट परेड में कुल 515 कैडेट्स शामिल हुए, जिनमें 481 भारतीय जेंटलमैन कैडेट और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट शामिल रहे। कठोर प्रशिक्षण और कठिन सैन्य मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इन सभी ने अंतिम पग पार कर सेना में अधिकारी के रूप में प्रवेश किया।
इस वर्ष की परेड कई मायनों में ऐतिहासिक रही। पहली बार आईएमए से नौ महिला सैन्य अधिकारियों को कमीशन प्राप्त हुआ, जिन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाली। यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्त भूमिका का प्रतीक मानी जा रही है।
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राष्ट्रपति ने ली परेड की सलामी, अनुशासन और गौरव का दिखा अद्भुत संगम
शनिवार सुबह निर्धारित समयानुसार 6:40 बजे परेड का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आईएमए पहुंचीं और ऐतिहासिक चैटवुड भवन के सामने परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
सजे-धजे परेड ग्राउंड में कैडेट्स ने शानदार कदमताल और सैन्य अनुशासन का परिचय देते हुए राष्ट्रभक्ति और समर्पण की भावना का प्रदर्शन किया। जैसे ही कैडेट्स ने ‘अंतिम पग’ पार किया, पूरा परेड मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद आयोजित पीपिंग सेरेमनी में नव नियुक्त अधिकारियों के कंधों पर उनके परिजनों और वरिष्ठ अधिकारियों ने रैंक सजाई।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने कैडेट्स को दी शुभकामनाएं
अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी पासआउट कैडेट्स को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सैन्य अकादमी केवल उत्कृष्ट सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं देती, बल्कि यहां से अधिकारी दया, करुणा, नैतिकता और मानवीय मूल्यों की सीख लेकर भी निकलते हैं, जो उन्हें अपने सेवा जीवन में बेहतर नेतृत्व प्रदान करने में मदद करेगी।
राष्ट्रपति ने प्रशिक्षण देने वाले अधिकारियों और प्रशिक्षकों की भी सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण के कारण देश को योग्य और सक्षम सैन्य अधिकारी मिल रहे हैं। उन्होंने सभी नव नियुक्त अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।
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हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा और फ्लाईपास्ट ने बढ़ाया समारोह का गौरव
पासिंग आउट परेड के दौरान नव नियुक्त अधिकारियों पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण गर्व और उत्साह से भर उठा। इसके बाद तीन सैन्य हेलिकॉप्टरों ने परेड ग्राउंड के ऊपर शानदार फ्लाईपास्ट किया। इन हेलिकॉप्टरों पर भारतीय तिरंगा, भारतीय सेना का ध्वज और आईएमए का ध्वज लहराता नजर आया, जिसने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स हुए सम्मानित
परेड के दौरान विभिन्न सैन्य पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को प्रतिष्ठित पुरस्कार और मेडल प्रदान किए गए। इस वर्ष का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ ऑफिसर कैडेट विशाल कुमार को प्रदान किया गया। उन्होंने आरईजी कोर्स में प्रथम स्थान हासिल करते हुए गोल्ड मेडल भी अपने नाम किया।
आरईजी कोर्स में प्रिंस राज को सिल्वर मेडल और तेजस भट्ट को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया। वहीं, टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (टीजीसी) में हृषभ मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल हासिल किया। स्पेशल कमीशन श्रेणी में बोधराज थापा को गोल्ड मेडल और टीईएस कोर्स में करन पांडे को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त बांग्लादेश के एक कैडेट को ‘बेस्ट फॉरेन कैडेट अवॉर्ड’ प्रदान किया गया।
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158वीं पासिंग आउट परेड: प्रमुख पुरस्कार विजेता
1. ऑफिसर कैडेट विशाल कुमार
- स्वॉर्ड ऑफ ऑनर (सर्वश्रेष्ठ ऑफिसर कैडेट)
- गोल्ड मेडल (आरईजी कोर्स में प्रथम स्थान)
2. ऑफिसर कैडेट प्रिंस राज
- सिल्वर मेडल (आरईजी कोर्स में द्वितीय स्थान)
3. ऑफिसर कैडेट तेजस भट्ट
- ब्रॉन्ज मेडल (आरईजी कोर्स में तृतीय स्थान)
4. ऑफिसर कैडेट हृषभ मिश्रा
- टीजीसी सिल्वर मेडल (टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में प्रथम स्थान)
5. ऑफिसर कैडेट बोधराज थापा
- गोल्ड मेडल (स्पेशल कमीशन श्रेणी)
6. ऑफिसर कैडेट करन पांडे
- सिल्वर मेडल (टीईएस कोर्स में प्रथम स्थान)
7. बांग्लादेश के कैडेट
- बेस्ट फॉरेन कैडेट पुरस्कार
इस अवसर पर कुल सात प्रमुख सैन्य सम्मान प्रदान किए गए।
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भारतीय सैन्य इतिहास में जुड़ा एक और स्वर्णिम अध्याय
158वीं पासिंग आउट परेड भारतीय सैन्य इतिहास में एक और विशेष उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई। यह दूसरा अवसर था जब किसी महिला राष्ट्रपति ने आईएमए की पासिंग आउट परेड की सलामी ली। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल भी इस गौरवशाली समारोह का हिस्सा बन चुकी हैं।
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निष्कर्ष
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी की 158वीं पासिंग आउट परेड केवल एक औपचारिक सैन्य आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत प्रतीक बनकर उभरी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति, पहली बार नौ महिला अधिकारियों को मिला कमीशन और 515 कैडेट्स का भारतीय सेना एवं मित्र देशों की सेनाओं में शामिल होना इस आयोजन को ऐतिहासिक बना गया। आईएमए से निकले ये युवा अधिकारी अब देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेकर एक नए अध्याय की शुरुआत कर चुके हैं।


