देहरादून | 20 जून 2026
उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ जनमत तैयार करने और जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए 28 जून से व्यापक जन जागरूकता अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान को कांग्रेस ने आगामी चुनावी प्रक्रिया का पहला चरण बताया है, जिसके माध्यम से पार्टी आम जनता और कार्यकर्ताओं के बीच सीधे संवाद स्थापित करेगी।
शनिवार को देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने संयुक्त रूप से अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को जनता के सामने रखेगी तथा प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर जनचेतना का अभियान चलाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है, स्वास्थ्य सेवाएं अपेक्षित स्तर पर नहीं हैं, युवाओं में बेरोजगारी बढ़ रही है, भ्रष्टाचार के मामलों में वृद्धि हुई है और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। इसके अलावा महंगाई और कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कांग्रेस ने प्रदेश के 10 जिलों को चार अलग-अलग जोन में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है, जो संबंधित क्षेत्रों में जनसभाएं, बैठकें और संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
पहले जोन में पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जिलों को शामिल किया गया है। इस जोन की कमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल संभालेंगे और वे स्वयं इन क्षेत्रों में अभियान का नेतृत्व करेंगे।
दूसरे जोन में रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिलों को रखा गया है। यहां चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनता के बीच पहुंचकर पार्टी की नीतियों और सरकार की कथित विफलताओं को उजागर करेंगे।
तीसरे जोन में उत्तरकाशी और टिहरी जिलों को शामिल किया गया है। इस क्षेत्र में चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह स्वयं मोर्चा संभालेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अभियान को गति देंगे।
चौथे जोन में अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों को रखा गया है। इन दोनों जिलों की जिम्मेदारी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा को सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क के माध्यम से संगठन को और मजबूत किया जा सकेगा।
प्रीतम सिंह ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को विशेष स्वतंत्रता दी गई है। दोनों वरिष्ठ नेता किसी भी जोन में जाकर अभियान में भाग ले सकते हैं। पार्टी की कोशिश रहेगी कि दोनों नेता चारों जोनों में जाकर कार्यकर्ताओं और जनता से संवाद करें, जिससे अभियान को व्यापक समर्थन मिल सके।
कांग्रेस का दावा है कि जन जागरूकता अभियान के माध्यम से राज्य सरकार की वास्तविक स्थिति और जनसमस्याओं को जनता के बीच प्रमुखता से रखा जाएगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह अभियान आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत जनाधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनावों की आहट के साथ कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। 28 जून से शुरू होने वाला जन जागरूकता अभियान न केवल सरकार को घेरने का प्रयास होगा, बल्कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह अभियान प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है और चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।


