देहरादून | 20 जून 2026
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तराखंड के किसानों को बड़ी राहत और आर्थिक संबल मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी किए जाने के बाद राज्य के 8 लाख से अधिक किसानों के खातों में 159 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे किसानों के सम्मान और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर गढ़ी कैंट स्थित हिमालय सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर के किसानों के लिए जारी की गई पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के वर्चुअल प्रसारण को भी देखा और प्रदेश के किसानों को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इस बार देशभर के लगभग 10 करोड़ किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 18,880 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है, जिससे करोड़ों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिला है।
सीएम धामी ने जानकारी दी कि वर्ष 2019 में उत्तराखंड के करीब 4 लाख किसान ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त कर रहे थे, लेकिन वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 8 लाख से अधिक हो चुकी है। यह दर्शाता है कि योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अधिक से अधिक किसान इससे जुड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समग्र विकास के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने जैसे कई कार्यक्रम संचालित कर रही है।
राज्य सरकार द्वारा किसानों को राहत देने के लिए सिंचाई व्यवस्था को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नहरों से होने वाली सिंचाई को पूरी तरह निशुल्क कर दिया गया है, जिससे किसानों की लागत में कमी आएगी और उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए राज्य सरकार ने बजट में 200 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। इसके अलावा कृषि उत्पादन और संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए 115 करोड़ रुपये के निवेश से राज्य में 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुरूप विकसित करने के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत वाले “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से वर्षा आधारित खेती करने वाले किसानों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों का लाभ मिलेगा।
बागवानी और फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति तथा स्टेट मिलेट मिशन को लागू किया है। इन योजनाओं के तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों का रुझान पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर बढ़ रहा है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी होने के साथ ही उत्तराखंड के लाखों किसानों को आर्थिक सहायता मिली है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं, आधुनिक खेती को बढ़ावा देने वाली नीतियों तथा सब्सिडी आधारित कार्यक्रमों से प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं का लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर सकता है।


