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उत्तराखंड में बंजी जंपिंग के लिए सख्त होंगे सुरक्षा नियम, 50 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य

देहरादून | 20 जून 2026

उत्तराखंड में एडवेंचर पर्यटन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार बंजी जंपिंग गतिविधियों के लिए नई और सख्त सुरक्षा नियमावली लागू करने जा रही है, जिसके तहत 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा उपकरणों, प्रशिक्षकों और संचालन प्रक्रियाओं को लेकर भी कड़े मानक निर्धारित किए जाएंगे।


देवप्रयाग, तपोवन और ऋषिकेश जैसे क्षेत्र देशभर में बंजी जंपिंग और अन्य एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। हर साल हजारों पर्यटक यहां रोमांचक गतिविधियों का अनुभव लेने पहुंचते हैं। हालांकि हाल के महीनों में सामने आई कुछ गंभीर घटनाओं ने पर्यटकों की सुरक्षा और एडवेंचर गतिविधियों के संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी के मद्देनजर शासन ने सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने का फैसला लिया है।


पर्यटन सचिव धीरज गबर्याल ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा बंजी जंपिंग के लिए नई गाइडलाइन और विस्तृत नियमावली तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया में देश और विदेश के विशेषज्ञों, तकनीकी जानकारों और एडवेंचर सेक्टर से जुड़े विभिन्न पक्षों की राय ली गई है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों को राज्य में लागू किया जा सके।


उन्होंने कहा कि नई नियमावली का उद्देश्य एडवेंचर पर्यटन को सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। प्रस्तावित नियमों को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से चल रहा है और अगले एक माह के भीतर इन्हें लागू कर दिया जाएगा।


हालिया हादसों ने बढ़ाई चिंता

उत्तराखंड में पिछले कुछ समय के दौरान बंजी जंपिंग से जुड़े दो घटनाक्रमों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। 12 नवंबर 2025 को ऋषिकेश के शिवपुरी स्थित एक एडवेंचर पार्क में बंजी जंपिंग के दौरान सुरक्षा रस्सी टूटने से गुरुग्राम निवासी 24 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। युवक नीचे टिन की छत पर गिरा था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना ने सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता और नियमित जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।


वहीं 15 जून 2026 को बंजी जंपिंग करने के कुछ समय बाद एक युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे पेट में तेज दर्द और सांस लेने में परेशानी हुई। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। हालांकि परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने के कारण मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी।


चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि बंजी जंपिंग के दौरान शरीर पर अचानक अत्यधिक दबाव पड़ता है। एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर तेजी से बढ़ने के साथ गुरुत्वाकर्षण के विपरीत शरीर को झटका लगता है, जिससे हृदय, रक्तचाप और अन्य आंतरिक अंगों पर प्रभाव पड़ सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य संबंधी जांच को नई नियमावली में प्राथमिकता दी जा रही है।


50 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए विशेष प्रावधान

नई गाइडलाइन में स्वास्थ्य सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण विषय माना गया है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार 50 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को बंजी जंपिंग करने से पहले अधिकृत चिकित्सक द्वारा जारी मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा। फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना किसी भी व्यक्ति को जंपिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।


इसके अलावा उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं या अन्य गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों से पीड़ित लोगों को बंजी जंपिंग से दूर रहने की सलाह दी जाएगी। ऑपरेटरों को भी प्रतिभागियों की स्वास्थ्य स्थिति की पूर्व जांच सुनिश्चित करनी होगी।


सुरक्षा उपकरणों और संचालन पर भी होगी सख्ती

नई नियमावली के तहत बंजी जंपिंग संचालित करने वाली कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्राकृतिक रबर से बनी प्रमाणित बंजी कॉर्ड का उपयोग करना अनिवार्य होगा। सुरक्षा रस्सियों को निर्धारित समयावधि के बाद बदलना होगा और उनकी नियमित तकनीकी जांच करानी होगी।


इसके साथ ही प्रतिभागियों को केवल पैरों से नहीं बल्कि पूरे शरीर को सुरक्षित रखने वाले डबल हार्नेस सिस्टम से बांधा जाएगा। जंपिंग से पहले कम से कम दो से तीन प्रशिक्षकों द्वारा स्वतंत्र रूप से ट्रिपल चेक प्रक्रिया अपनाना भी अनिवार्य किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या मानवीय त्रुटि की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।


निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रस्तावित नई बंजी जंपिंग नियमावली एडवेंचर पर्यटन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। हालिया घटनाओं से मिले सबक के बाद स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता और संचालन प्रक्रियाओं को लेकर सख्त प्रावधान लागू किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा और उत्तराखंड का एडवेंचर पर्यटन उद्योग अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित रूप में आगे बढ़ सकेगा।


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