देहरादून | 20 जून 2026
उत्तराखंड सरकार ने श्रमिक कल्याण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हजारों श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एक क्लिक के माध्यम से उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के तहत 4400 से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में लगभग 11 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विवाह उपरांत सहायता योजना, मृत्यु उपरांत अनुदान योजना, प्रसूति सुविधा योजना और शिक्षा सहायता योजना के पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक समाज और अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। प्रदेश सरकार उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र श्रमिक तक योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्यभर में संचालित श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि कई पात्र श्रमिक जानकारी के अभाव में योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं, इसलिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों और श्रमिक बहुल क्षेत्रों में कैंप लगाकर पात्र श्रमिकों का पंजीकरण किया जाए तथा उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। इससे अधिक से अधिक श्रमिक सरकारी सुविधाओं से जुड़ सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के आसपास आवश्यक सामग्री और सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य और उनके परिवारों के सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सा शिविरों के आयोजन तथा उनके बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए।
योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभार्थियों का सत्यापन पूरी पारदर्शिता से किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र श्रमिकों तक ही पहुंचे।
कार्यक्रम में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पिछले एक वर्ष के दौरान 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह राशि श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए खर्च की गई है।
राज्य सरकार का मानना है कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने से पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार तथा अनियमितताओं की संभावनाएं कम हुई हैं।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 4400 से अधिक श्रमिकों के खातों में लगभग 11 करोड़ रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित किया जाना राज्य सरकार की श्रमिक हितैषी नीतियों का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से सीधे लाभ पहुंचाने, जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने से प्रदेश के श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है। सरकार का यह प्रयास सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक कल्याण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


