देहरादून, उत्तराखंड | 22 जून 2026
उत्तराखंड में भूमि घोटालों, भू माफियाओं के बढ़ते प्रभाव, सरकारी भूमि पर कथित कब्जों और राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सचिवालय कूच का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पार्टी मुख्यालय में एकत्र हुए। यहां से प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में सचिवालय कूच शुरू किया गया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सुभाष रोड की ओर बढ़े।
सचिवालय मार्ग पर पहले से तैनात पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की रोक के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई और कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। इसके बाद सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और विरोध प्रदर्शन तेज हो गया।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास करने लगे। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की चलती रही। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध जारी रहने पर कार्रवाई करनी पड़ी।
हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सभी को पुलिस वाहनों के माध्यम से पुलिस लाइन भेजा गया। हिरासत में लिए जाने के दौरान भी कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भू माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी, वन और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने मांग की कि प्रदेशभर में सरकारी, वन एवं ग्राम समाज की जमीनों पर हुए अवैध कब्जों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें तत्काल हटाया जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि भूमि विवादों और अवैध कब्जों के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भूमि विवादों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है और जनता को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि भू माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई और सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त नहीं कराया गया, तो पार्टी प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। इसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
देहरादून में कांग्रेस का सचिवालय कूच भूमि घोटालों, अवैध कब्जों और सरकार की नीतियों के विरोध का बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन बनकर सामने आया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की तथा नेताओं की हिरासत ने आंदोलन को और चर्चित बना दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और भूमि संबंधी मामलों में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।


