देहरादून | 29 जून 2026 (सोमवार)
राजधानी देहरादून में सोमवार को नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित त्यागी रोड पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कार एसेसरीज की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के दुकानदारों ने अपनी दुकानों से सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, त्यागी रोड स्थित खालसा कार एसेसरीज की दुकान में सोमवार दोपहर अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान इसकी चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुकान से ऊंची-ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं, जबकि दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार नजर आने लगा।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और अग्निशमन विभाग को जानकारी दी। सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें बिना देर किए मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक आग बुझाने का कार्य लगातार जारी था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की चपेट में आने से दुकान में रखा कार एसेसरीज का अधिकांश सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। फिलहाल नुकसान का सटीक आकलन नहीं हो पाया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि व्यापारी को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने आसपास की दुकानों तक आग फैलने से रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती। पुलिस ने भी एहतियात के तौर पर घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित कर दी, ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। संभावना जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण आग लगी हो सकती है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस और अग्निशमन विभाग संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
निष्कर्ष
देहरादून के व्यस्त कारोबारी क्षेत्र त्यागी रोड पर हुई इस भीषण अग्निकांड की घटना ने व्यापारियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ा दी है। समय रहते फायर ब्रिगेड के मौके पर पहुंचने से आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोकने का प्रयास किया गया। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे आग लगने के वास्तविक कारण और हुए नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।


