हरिद्वार | 1 जुलाई 2026
हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। उनके खिलाफ लक्सर कोतवाली में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (एससी/एसटी) अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे के बाद गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। इस बीच बढ़ते दबाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच चैंपियन ने एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि यदि उनके व्यवहार से अनुसूचित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
एससी/एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
करीब एक सप्ताह पहले लक्सर कोतवाली में पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति के साथ फोन पर बातचीत के दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और जान से मारने की धमकी दी। मामले का ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया।
भीम आर्मी समेत कई संगठनों ने की गिरफ्तारी की मांग
मुकदमा दर्ज होने के बाद भीम आर्मी सहित कई दलित संगठनों ने लक्सर कोतवाली पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और पूर्व विधायक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नेताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दलित संगठनों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
वीडियो जारी कर चैंपियन ने मांगी सार्वजनिक माफी
लगातार बढ़ते विरोध और गिरफ्तारी की मांग के बीच कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई और माफी दोनों पेश की।
वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अनुसूचित समाज का सम्मान किया है और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा रही है। उन्होंने कहा कि यदि हालिया घटनाक्रम से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनने देने का आश्वासन देते हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला
शांतरशाह गांव निवासी जोगेंद्र ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 22 जून की शाम वह अपने बहनोई संजीव कुमार के साथ कार से लक्सर के खेड़ी गांव लौट रहे थे। रास्ते में एक दूसरी कार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक करते हुए कथित रूप से टक्कर मारी। उस समय उन्होंने मामले को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया और घर चले गए।
अगले दिन पुलिस द्वारा संजीव कुमार को कोतवाली बुलाए जाने पर उन्हें पता चला कि संबंधित कार पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की बताई जा रही है।
शिकायत के अनुसार, विवाद सुलझाने के उद्देश्य से जोगेंद्र के साथी वीर सिंह ने पूर्व विधायक को फोन किया। आरोप है कि बातचीत के दौरान चैंपियन ने संजीव कुमार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जातिसूचक शब्द कहे, जान से मारने की धमकी दी और परिवार की महिलाओं के लिए भी आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इसी कथित बातचीत का ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
पूर्व विधायक ने पहले बताया था वीडियो को फर्जी
विवाद सामने आने के बाद कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने वायरल वीडियो और ऑडियो को फर्जी बताते हुए आरोपों से इनकार किया था। उनका कहना था कि जब वह लक्सर क्षेत्र से गुजर रहे थे, तब उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास किया गया और उनकी गाड़ी को टक्कर मारी गई।
उन्होंने दावा किया कि इस घटना के संबंध में उनके गनर संजय चौहान ने पहले ही लक्सर कोतवाली में संजीव कुमार और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ वाहन को टक्कर मारने, खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने और अभद्र व्यवहार करने का मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि उसी मामले के दबाव में उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
दलित नेताओं ने उठाए गंभीर सवाल
मामले को लेकर कई दलित संगठनों और सामाजिक नेताओं ने प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई करने का दबाव बनाया है। दलित नेता तीरथपाल रवि ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक अक्सर लोगों को धमकाने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और दबाव बनाने के मामलों में विवादों में रहते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति ने दलित समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाई है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या बोले हरिद्वार ग्रामीण एसपी?
हरिद्वार ग्रामीण एसपी शेखर सुयाल ने बताया कि यह लगभग एक सप्ताह पुराना मामला है, जिसमें वायरल ऑडियो और वीडियो भी जांच का हिस्सा हैं। पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की जांच लक्सर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) द्वारा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी की मांग को लेकर कई ज्ञापन भी प्राप्त हुए हैं, जिन्हें जांच प्रक्रिया के साथ संज्ञान में लिया गया है।
निष्कर्ष
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन से जुड़ा यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर दलित संगठन गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं, वहीं पूर्व विधायक सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। अब पूरे मामले में पुलिस जांच की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।


