देहरादून/हरिद्वार | 1 जुलाई 2026
उत्तराखंड में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने हरिद्वार जिले के कलियर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉस्मेटिक की दुकान की आड़ में चल रहे प्रतिबंधित नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी कारोबारी को गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन सिरप और नशीले कैप्सूल बरामद किए गए हैं।
कॉस्मेटिक स्टोर पर छापेमारी, प्रतिबंधित दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद
एसटीएफ और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने ड्रग इंस्पेक्टर के साथ कलियर क्षेत्र में कई संदिग्ध स्थानों और गोदामों पर छापेमारी अभियान चलाया। इसी दौरान एहतिशाम कॉस्मेटिक जनरल स्टोर पर कार्रवाई करते हुए दुकान संचालक अहतशाम उल हक, निवासी बुड्ढा हैदी, थाना पथरी, जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार किया गया।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से करीब 3.9 किलोग्राम कोडीन युक्त सिरप तथा बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल बरामद किए गए, जिन्हें बिना वैध अनुमति के रखा और बेचा जा रहा था।
पूछताछ में सामने आए नेटवर्क के अहम सुराग
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ और ड्रग विभाग की टीम ने आरोपी से पूछताछ की, जिसके आधार पर उससे जुड़े अन्य संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान विभिन्न स्थानों से और भी प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की गईं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी इन दवाओं को बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर बेचकर अवैध मुनाफा कमा रहा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों और सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है।
18 हजार प्रतिबंधित कैप्सूल बरामदगी मामले से भी जुड़ रहे तार
एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपी का संबंध पहले सामने आए 18 हजार प्रतिबंधित कैप्सूल बरामदगी मामले से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और नशीली दवाओं की आपूर्ति कहां से की जा रही थी।
अधिकारियों का मानना है कि यह मामला एक बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिसकी जांच लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।
पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ वर्ष 2019 में एनडीपीएस एक्ट के तहत दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। वह पहले भी नशीली दवाओं की तस्करी के आरोप में जेल जा चुका है।
इसके बावजूद आरोपी दोबारा प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया था।
एसटीएफ ने जारी रखी नशा विरोधी मुहिम
उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने कहा कि राज्य में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या एसटीएफ को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
एसटीएफ ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नशा तस्करी से संबंधित शिकायत या सूचना देने के लिए एसटीएफ ने नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
- 0135-2656202
- 9412029536
पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
एसटीएफ अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य तस्करों, सप्लायरों और खरीददारों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति किन माध्यमों से विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही थी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति इस नेटवर्क से जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
हरिद्वार के कलियर क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई उत्तराखंड में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। कॉस्मेटिक की दुकान की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं का कारोबार किए जाने का खुलासा इस बात का संकेत है कि तस्कर लगातार नए तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में एसटीएफ और अन्य जांच एजेंसियों की सतर्कता तथा आम जनता के सहयोग से ही नशे के इस अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।


