हरिद्वार | 17 जुलाई 2026
उत्तराखंड में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का हरिद्वार पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत श्यामपुर थाना पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर दो पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। आरोपियों के कब्जे से 4.55 लाख रुपये नकद, एक लग्जरी एंडेवर कार, आईफोन तथा कथित तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से लोगों का विश्वास जीतते थे और फिर तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ तथा चमत्कार के नाम पर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे।
डायल-112 पर मिली सूचना से खुला पूरा मामला
पुलिस के अनुसार 16 जुलाई की रात करीब 9:36 बजे डायल-112 पर सूचना मिली कि चंडी माता मंदिर के निकट मन्नत ढाबा क्षेत्र में एक व्यक्ति से 4 लाख 60 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर एक महिला और एक पुरुष सफेद रंग की एंडेवर कार से फरार हो गए हैं।
सूचना मिलते ही थाना श्यामपुर प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तत्काल जिलेभर के चेक पोस्ट और पुलिस पिकेट को अलर्ट कर व्यापक नाकाबंदी कराई गई। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई।
हरियाणा के युवक को बनाया शिकार
17 जुलाई को पीड़ित विनोद कुमार, निवासी इंद्रा कॉलोनी, लिवासपुर, सोनीपत (हरियाणा) की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पारिवारिक समस्याओं के समाधान की तलाश में आरोपियों के संपर्क में आया था। आरोपियों ने उसे चंडी देवी मंदिर के पास विशेष तांत्रिक पूजा कराने का झांसा दिया और पूजा में 4 लाख 60 हजार रुपये खर्च होने की बात कही।
ऐसे रची गई ठगी की पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले पीड़ित का विश्वास जीता। इसके बाद उसे एक लाल धागे से बंधा मिट्टी का मटका देकर मंत्र जाप करने को कहा गया। इसी दौरान नकदी से भरा बैग आरोपियों ने अपनी कार में रखवा लिया।
इसके बाद पूजा की अन्य सामग्री लाने का बहाना बनाकर तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। जब काफी देर तक वे वापस नहीं लौटे तो पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
यूट्यूब चैनल बनाकर फंसाते थे लोग
पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी “AGHORA” नाम से एक यूट्यूब चैनल संचालित करते थे। इस चैनल पर तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ, चमत्कार, भूत-प्रेत और ऊपरी बाधाओं से जुड़े वीडियो अपलोड किए जाते थे।
इन वीडियो को देखकर विभिन्न राज्यों के लोग आरोपियों से संपर्क करते थे। आरोपी स्वयं को तांत्रिक बताकर लोगों की पारिवारिक समस्याओं, बीमारी, आर्थिक संकट, भूत-प्रेत और अन्य अंधविश्वास से जुड़ी परेशानियों का समाधान करने का दावा करते थे। इसके बाद विशेष पूजा और अनुष्ठान के नाम पर बड़ी रकम वसूल ली जाती थी।
तकनीकी जांच और नाकाबंदी से 12 घंटे में गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और विभिन्न चेक पोस्टों पर की गई निगरानी के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
लगातार अभियान चलाने के बाद पुलिस ने चिड़ियापुर माइनिंग चेक पोस्ट के पास से दो पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से ठगी की अधिकांश रकम, लग्जरी वाहन, मोबाइल फोन और तांत्रिक गतिविधियों में प्रयुक्त सामग्री भी बरामद कर ली गई।
पूछताछ में कबूला पूरा खेल
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से पहले लोगों का भरोसा जीतते थे। इसके बाद अंधविश्वास और भय का माहौल बनाकर उन्हें तंत्र-मंत्र, विशेष पूजा और चमत्कार का झांसा देते थे तथा लाखों रुपये और कीमती आभूषण ठग लेते थे।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कई वारदातों को अंजाम दिया है। इन मामलों की विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
श्यामपुर थाना प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के तांत्रिक, बाबा, सोशल मीडिया चैनल या स्वयंभू धार्मिक व्यक्ति के झांसे में आकर धनराशि न दें।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत, ऊपरी बाधा या चमत्कार के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत डायल-112 या नजदीकी पुलिस थाने को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
1. मलकीत उर्फ राकेश शर्मा उर्फ मोहित, निवासी मंडावर, जिला बिजनौर (वर्तमान निवासी चंद्रमणी, देहरादून)
2. मोन्टी जोशी, निवासी पटेलनगर क्षेत्र, देहरादून
3. अर्चना रावत, मूल निवासी थाना थलीसैंण, जिला पौड़ी गढ़वाल (वर्तमान निवासी तुनुवाला, भद्रकाली, देहरादून)
निष्कर्ष
हरिद्वार पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से अंधविश्वास फैलाकर लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। महज 12 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता का उदाहरण मानी जा रही है। यह मामला लोगों के लिए भी एक बड़ी सीख है कि इंटरनेट या सोशल मीडिया पर प्रसारित तंत्र-मंत्र, चमत्कार और अंधविश्वास से जुड़े दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की है।


