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डेंगू से निपटने के लिए देहरादून में व्यापक तैयारी, 40 अस्पतालों में 831 बेड आरक्षित; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर

देहरादून | 17 जुलाई 2026

मानसून के मौसम में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए देहरादून स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू मरीजों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने 40 अस्पतालों में कुल 831 बेड आरक्षित किए हैं, ताकि संक्रमण बढ़ने की स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सके।

इन आरक्षित बेडों में सामान्य वार्ड के साथ-साथ गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू बेड भी शामिल किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को आवश्यक दवाएं, चिकित्सा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध रखने के निर्देश जारी किए हैं।

699 जनरल और 132 आईसीयू बेड की व्यवस्था

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अनुसार, डेंगू मरीजों के लिए 699 जनरल बेड और 132 आईसीयू बेड सुरक्षित रखे गए हैं।

जिले में वर्तमान समय में सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर कुल 7,571 अस्पताल बेड उपलब्ध हैं। इनमें से आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए डेंगू मरीजों के लिए अलग से विशेष बेड आरक्षित किए गए हैं, ताकि मरीजों को उपचार में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इन अस्पतालों में सबसे अधिक डेंगू बेड

स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत विभिन्न प्रमुख अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए विशेष बेड उपलब्ध कराए गए हैं।

  • हिमालयन हॉस्पिटल (एचआईएचटी), जौलीग्रांट – 100 बेड
  • सुभारती अस्पताल – 65 बेड
  • एम्स ऋषिकेश – 60 बेड
  • एसएमआई अस्पताल – 50 बेड
  • राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल – 40 बेड
  • कैलाश अस्पताल – 40 बेड

इसके अलावा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप जिला अस्पतालों और अन्य निजी अस्पतालों में भी आवश्यकता के अनुसार डेंगू मरीजों के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

चार वर्षों में सामने आए 3,482 डेंगू के मामले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक देहरादून जिले में डेंगू के कुल 3,482 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

वर्षवार आंकड़ों पर नजर डालें तो—

  • 2022 : 1,434 मामले
  • 2023 : 1,201 मामले
  • 2024 : 37 मामले
  • 2025 : 785 मामले
  • 2026 : अप्रैल और मई तक 25 मामले

हालांकि इस वर्ष अभी तक मामलों की संख्या कम है, लेकिन मानसून के दौरान संक्रमण बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पहले से ही पूरी तरह सतर्क है।

अस्पतालों को जारी किए गए विशेष निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि डेंगू मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं, प्लेटलेट्स प्रबंधन, जांच सुविधाओं, आईसीयू और प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए।

साथ ही मरीजों को समय पर भर्ती और उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रशासन को विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

लोगों से बरतने की अपील

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि साफ पानी में ही एडीज मच्छर पनपते हैं, जो डेंगू फैलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द या अन्य डेंगू जैसे लक्षण दिखाई दें तो स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और चिकित्सकीय सलाह लें।

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी लगातार जारी

स्वास्थ्य विभाग ने जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए निगरानी तंत्र को सक्रिय कर दिया है। विभिन्न क्षेत्रों में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए सर्वे, लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई, जागरूकता अभियान और फॉगिंग जैसी गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

विभाग का उद्देश्य संभावित संक्रमण को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करना और गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है।

निष्कर्ष

मानसून के आगमन के साथ डेंगू का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए देहरादून स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते व्यापक तैयारियां कर ली हैं। 40 अस्पतालों में 831 बेड आरक्षित करने, आईसीयू सुविधाओं को मजबूत करने और अस्पतालों को विशेष निर्देश जारी करने से स्पष्ट है कि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। वहीं, डेंगू की रोकथाम में आम नागरिकों की सतर्कता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि लोग साफ-सफाई बनाए रखें और लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच कराएं, तो इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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