स्थान: देहरादून/रुद्रपुर/लक्सर, उत्तराखंड
तारीख: 25 जुलाई 2026
उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूटीयू) पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को प्रदेशभर में विपक्ष और विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। देहरादून में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी कार्यालय तक मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सुद्धोवाला जेल भेज दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ता शनिवार सुबह प्रेमनगर से आगे नंदा की चौकी के पास एकत्रित हुए। यहां से प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पैदल मार्च निकालते हुए उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी कार्यालय की ओर कूच किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामले में राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
यूनिवर्सिटी कार्यालय के बाहर पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारी फायर ब्रिगेड के वाहन पर चढ़ गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के बाद सुद्धोवाला जेल भेज दिया। प्रदर्शन में कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस बीच, उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में भी भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पेपर लीक प्रकरण के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
रुद्रपुर में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग पार कर जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचने का प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। मौके पर तैनात पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के साथ हुई कथित सख्ती का विरोध करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
हरिद्वार जिले के लक्सर में भी भीम आर्मी ने नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शिव चौक पर प्रदर्शन किया। संगठन के कैप्टन दीपक सेठपुर के नेतृत्व में चल रही पांच दिवसीय भूख हड़ताल को विभिन्न सामाजिक और किसान संगठनों का समर्थन मिला।
भारतीय किसान यूनियन (पटेल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कीरत सिंह भी अनशन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कैप्टन दीपक सेठपुर के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रदेश में पेपर लीक को लेकर लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्ष सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी पेपर लीक प्रकरण अब राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। देहरादून में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी, रुद्रपुर और लक्सर में विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन तथा छात्रों से जुड़े मुद्दों पर लगातार बढ़ रहे विरोध ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। अब इस मामले में जांच की प्रगति और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं।


