स्थान: देहरादून (सहस्त्रधारा), उत्तराखंड
तारीख: 25 जुलाई 2026
देहरादून के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। बगड़ा धोरण क्षेत्र में नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से हरियाणा के एक युवक की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही राजपुर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को नदी से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार शनिवार शाम करीब 5:40 बजे यूपी-112 कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि सहस्त्रधारा के बगड़ा धोरण क्षेत्र में एक युवक नदी के तेज बहाव में बह गया है। सूचना मिलते ही आईटी पार्क चौकी प्रभारी के नेतृत्व में राजपुर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। इसके साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव अभियान में जुट गई।
पुलिस और एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर काफी प्रयासों के बाद युवक को नदी से बाहर निकाला। गंभीर अवस्था में उसे तत्काल 108 एंबुलेंस की सहायता से कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान अंकुश तुसाम (पुत्र रामफल) निवासी ग्राम शिमला गुजरान, थाना बापौली, जिला पानीपत, हरियाणा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना के समय युवक अपने परिजनों के साथ देहरादून आया हुआ था। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, जहां युवक की मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया।
राजपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने सहित अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों की अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी।
हादसे के बाद सहस्त्रधारा क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक घटनास्थल पर एकत्र हो गए। पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करते हुए लोगों को नदी के किनारे से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
प्रशासन ने एक बार फिर पर्यटकों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी, नालों और झरनों के तेज बहाव के पास जाने से बचें। मानसून के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे कुछ ही क्षणों में गंभीर हादसे हो सकते हैं। अधिकारियों ने सभी पर्यटकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करने की अपील की है।
निष्कर्ष
सहस्त्रधारा में नदी के तेज बहाव में युवक की मौत ने एक बार फिर मानसून के दौरान पर्यटन स्थलों पर बरती जाने वाली सावधानियों की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। प्रशासन लगातार लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दे रहा है, लेकिन लापरवाही कई बार जानलेवा साबित हो रही है। ऐसे में बारिश के मौसम में प्राकृतिक जलधाराओं के आसपास अतिरिक्त सतर्कता ही इस तरह की दुखद घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।


