देहरादून | 27 जुलाई 2026
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच प्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और जनसंपर्क अभियान को गति देने में जुट गई है। इसी क्रम में 2 अगस्त से कांग्रेस के ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ के दूसरे चरण की शुरुआत होने जा रही है। अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ देहरादून और हरिद्वार से किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस चरण को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार कर रही है और जल्द ही कार्यक्रम की आधिकारिक रूपरेखा जारी करेगी।
देहरादून और हरिद्वार में होगा दूसरे चरण का आगाज
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, दूसरे चरण के अंतर्गत सबसे पहले देहरादून और हरिद्वार में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ-साथ आम जनता तक कांग्रेस की नीतियों और भविष्य की रणनीति पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उधम सिंह नगर जिलों में सम्मेलन की तिथियां फिलहाल घोषित नहीं की गई हैं। पार्टी का कहना है कि रुद्रप्रयाग और टिहरी में मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए कार्यक्रम बाद में तय किए जाएंगे। वहीं उधम सिंह नगर के सम्मेलन की तारीख भी अलग से घोषित की जाएगी।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में होंगे सम्मेलन
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री राजेंद्र शाह ने बताया कि पहले चरण की परिवर्तन संकल्प यात्राओं और सम्मेलनों को कार्यकर्ताओं एवं आम जनता का सकारात्मक समर्थन मिला था। इसी उत्साह को आगे बढ़ाते हुए दूसरे चरण की तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह तथा विधायक विक्रम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने पर्वतीय विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित सम्मेलनों में भाग लिया था।
पार्टी का दावा है कि इन आयोजनों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिकों की भागीदारी देखने को मिली, जिससे संगठन को सकारात्मक ऊर्जा मिली है।
दूसरे चरण की रूपरेखा अंतिम चरण में
राजेंद्र शाह ने कहा कि 2 अगस्त से शुरू होने वाले दूसरे चरण के लिए पार्टी विस्तृत कार्यक्रम तैयार कर रही है। देहरादून और हरिद्वार में आयोजित होने वाले सम्मेलनों में किन वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रहेगी और किस विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित होंगे, इसका अंतिम खाका जल्द सार्वजनिक किया जाएगा।
उन्होंने भरोसा जताया कि दूसरे चरण के सम्मेलन संगठन को और अधिक मजबूत करेंगे तथा प्रदेशभर में कांग्रेस के जनसंपर्क अभियान को नई गति देंगे।
पहले चरण में 10 जिलों पर था फोकस
गौरतलब है कि कांग्रेस ने 28 जून से 2 जुलाई तक ‘परिवर्तन संकल्प अभियान’ का पहला चरण चलाया था। इसकी शुरुआत चंपावत से हुई थी। पहले चरण में पर्वतीय क्षेत्रों की 10 विधानसभा सीटों और जिलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया था। अभियान को चार अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित कर विभिन्न स्थानों पर सम्मेलन और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।
हालांकि, अभियान के दौरान पिथौरागढ़ में कांग्रेस के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आई थी। कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने पार्टी की असहज स्थिति पैदा कर दी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने तीन नेताओं को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया और बाद में अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
निष्कर्ष
कांग्रेस का ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ का दूसरा चरण प्रदेश में संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देहरादून और हरिद्वार से शुरू होने वाला यह अभियान कार्यकर्ताओं को एकजुट करने, जनता के बीच पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और चुनावी माहौल तैयार करने की दिशा में कांग्रेस का बड़ा राजनीतिक प्रयास माना जा रहा है। अब सभी की नजर पार्टी द्वारा जारी किए जाने वाले विस्तृत कार्यक्रम और इसमें शामिल होने वाले वरिष्ठ नेताओं की सूची पर टिकी हुई है।


