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कांवड़ यात्रा 2026: नियम तोड़ने और यात्रा में बाधा डालने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, सीएम धामी ने दी चेतावनी

देहरादून | 27 जुलाई 2026

उत्तराखंड में 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर शासन और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। राज्य सरकार ने यात्रा की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि कांवड़ यात्रा में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार देवभूमि उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड हर वर्ष की तरह इस बार भी देशभर से आने वाले लाखों कांवड़ श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयार है। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगाजल लेने आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने बताया कि यात्रा की तैयारियों की समीक्षा स्वयं की गई है। गंगा घाटों की साफ-सफाई, जल भरने की व्यवस्था, आवास, परिवहन, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी पूरी तरह चाक-चौबंद

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि गंगा घाटों पर जल पुलिस भी लगातार निगरानी रखेगी।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।

कानून तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी कोई राहत

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई व्यक्ति यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था भंग करने, श्रद्धालुओं को परेशान करने या कांवड़ यात्रा में बाधा डालने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है और इसके लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हरिद्वार में ड्रोन से होगी निगरानी

हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद कांवड़ मेले के लिए विशेष ट्रैफिक और सुरक्षा योजना लागू की गई है। पूरे मेले के दौरान आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन सर्विलांस किया जाएगा।

ड्रोन के माध्यम से पार्किंग स्थलों, प्रमुख मार्गों, मंदिर परिसरों, घाटों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

पहचान पत्र साथ रखना होगा अनिवार्य

जिलाधिकारी ने बताया कि अंतरराज्यीय समन्वय समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार सभी कांवड़ यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा के दौरान अपना वैध पहचान पत्र अपने साथ रखें।

साथ ही कांवड़ की निर्धारित लंबाई, डीजे संचालन और अन्य सुरक्षा संबंधी मानकों को लेकर जारी की गई एसओपी का पालन करना भी सभी श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य रहेगा।

कांवड़ यात्रा की एसओपी: इन वस्तुओं पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

प्रशासन की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार यात्रा के दौरान निम्न वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा—

  • जुगाड़ वाहन का उपयोग।
  • रेट्रो या मॉडिफाइड तेज आवाज वाले साइलेंसर।
  • त्रिशूल, भाला, तलवार, बेसबॉल बैट या किसी भी प्रकार के हथियार।
  • शराब या किसी भी प्रकार के नशे की अवस्था में यात्रा करना।
  • सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल होना।

इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगा कांवड़ मेला

इस वर्ष कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

प्रशासन के अनुसार—

  • 30 जुलाई से यात्रा का औपचारिक शुभारंभ होगा।
  • 31 जुलाई से 4 अगस्त के बीच पैदल कांवड़ यात्रियों की सर्वाधिक भीड़ रहने की संभावना है।
  • 8 अगस्त से 11 अगस्त तक डाक कांवड़ का संचालन किया जाएगा।
  • 11 अगस्त को देशभर के शिवालयों में श्रद्धालु गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, ड्रोन निगरानी और सख्त एसओपी के माध्यम से प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन करने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत है, लेकिन यात्रा में बाधा डालने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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