BREAKING

उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: परमवीर चक्र विजेताओं को अब मिलेंगे ₹2 करोड़, विकास योजनाओं और सैनिक कल्याण के लिए ₹62 करोड़ से अधिक की मंजूरी

देहरादून | 27 जुलाई 2026

उत्तराखंड सरकार ने वीर सैनिकों के सम्मान और राज्य के विकास कार्यों को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि अब परमवीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिकों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाकर ₹2 करोड़ कर दी गई है। पहले यह राशि ₹1.50 करोड़ थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देश की रक्षा करने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इसी के साथ मुख्यमंत्री ने राज्यभर में विकास परियोजनाओं, कुंभ मेला तैयारियों, धार्मिक स्थलों के विकास, सैनिक परिवारों की छात्रवृत्ति और ग्रामीण सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए ₹62 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की हैं।

परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेगा बढ़ा हुआ सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है और यहां के सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिए हैं। ऐसे में परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राज्य सरकार ने अनुग्रह राशि को ₹1.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि देश के वीर सैनिकों के साहस और बलिदान को उचित सम्मान देना भी है।

सीवर शोधन संयंत्र और नाबार्ड की 21 योजनाओं को मंजूरी

मुख्यमंत्री ने देहरादून के टपकेश्वर महादेव, गढ़ी डाकरा कैंट क्षेत्र में 8 एमएलडी क्षमता वाले सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) के निर्माण के लिए भूमि खरीद हेतु ₹6.62 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

इसके अलावा नाबार्ड वित्तपोषित 21 विकास योजनाओं के लिए ₹41.37 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने का अनुमोदन भी दिया गया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे और ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलेगी।

कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को मिली रफ्तार

हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के लिए भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण वित्तीय मंजूरी दी है।

इसके तहत—

  • बल्ली बैरिकेडिंग, चक्रव्यूह बैरियर और अस्थायी फायर वॉच टावरों के निर्माण हेतु ₹5.46 करोड़
  • आठ अस्थायी रैन बसेरों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए ₹6.85 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।

सरकार का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में धार्मिक एवं विकास कार्यों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

द्वाराहाट (अल्मोड़ा) में सकुनी से सुकेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार के शेष कार्यों के लिए ₹1.24 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें पहली किस्त के रूप में ₹74.83 लाख जारी होंगे।

सेराघाट (अल्मोड़ा) स्थित मां मंगला भगवती मंदिर परिसर में धर्मशाला निर्माण के लिए ₹72.83 लाख स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें पहली किस्त के रूप में ₹43.69 लाख जारी किए जाएंगे।

वहीं पिथौरागढ़ जिले के मूनाकोट विकासखंड में बुद्धेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण, दीवार और धर्मशाला निर्माण के लिए ₹22 लाख की मंजूरी दी गई है।

अंबेडकर पार्क और तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए ₹25 लाख

उधम सिंह नगर जिले के किच्छा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दरऊ में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क और तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए ₹25 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों को मिलेगी छात्रवृत्ति

मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों के छात्र-छात्राओं के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

इंजीनियरिंग, मेडिकल और पीएचडी की पढ़ाई कर रहे भूतपूर्व सैनिकों के आश्रित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने के लिए कारगिल शहीद परिवार मुख्यमंत्री सहायता कोष से ₹36.84 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस निर्णय से सैनिक परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहायता मिलेगी।

वाइब्रेंट विलेज में शुरू होंगे थाना दिवस और रात्रि चौपाल

मुख्यमंत्री धामी ने सीमावर्ती जिलों चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर के वाइब्रेंट विलेज में थाना दिवस और रात्रि चौपाल कार्यक्रम शुरू करने की मंजूरी भी दी है।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों की कानून-व्यवस्था, दस्तावेज सत्यापन, चरित्र प्रमाण पत्र, साइबर अपराध जागरूकता और पुलिस से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान सीधे गांव स्तर पर किया जाएगा। इससे प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद भी मजबूत होगा।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लिए गए इन फैसलों से एक ओर जहां परमवीर चक्र विजेताओं और भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों के सम्मान एवं कल्याण को नई मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे, धार्मिक पर्यटन, कुंभ मेला 2027 की तैयारियों और ग्रामीण विकास परियोजनाओं को भी गति मिलेगी। सरकार का यह निर्णय राज्य में विकास कार्यों के विस्तार, सैनिक सम्मान और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *