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रुड़की में अवैध सॉस फैक्ट्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, 8 कुंतल सॉस नष्ट, बिना लेबल की सैकड़ों बोतलें जब्त

स्थान: रुड़की, हरिद्वार, उत्तराखंड
तारीख: 30 जुलाई 2026

अगर आप बाजार से खरीदी गई सॉस का नियमित रूप से उपयोग करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हरिद्वार जनपद के रुड़की में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक अवैध रूप से संचालित सॉस निर्माण इकाई पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी, भारी गंदगी और बिना लेबल के तैयार किए जा रहे उत्पाद मिलने पर विभाग ने करीब 8 कुंतल सॉस नष्ट कर दिया। साथ ही बिना लेबल वाली 351 बोतलें भी जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दी गईं।

कांवड़ मेले से पहले बड़ी कार्रवाई, शिकायतों के बाद हुई छापेमारी

खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई कांवड़ मेले की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले की गई। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बाजार में बिना लेबल और संदिग्ध गुणवत्ता वाली सॉस की बिक्री की जा रही है। इन शिकायतों के आधार पर वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन और पवन कुमार के नेतृत्व में टीम ने रुड़की के मतलबपुर गांव स्थित एक सॉस निर्माण इकाई पर छापा मारा।

निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में तैयार की जा रही सॉस के उत्पादन और पैकेजिंग में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

बिना लेबल की 351 बोतलें मिलीं, जरूरी जानकारी पूरी तरह गायब

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने वेजिटेबल सॉस की 351 बिना लेबल वाली बोतलें बरामद कीं। जांच में पाया गया कि इन बोतलों पर उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य जानकारी दर्ज नहीं थी।

बोतलों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, निर्माता का नाम और पता, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर तथा सामग्री (इंग्रीडिएंट्स) की सूची जैसी आवश्यक जानकारियां अंकित नहीं थीं, जो खाद्य सुरक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

गंदगी के बीच तैयार हो रही थी सॉस

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री का वातावरण अत्यंत अस्वच्छ पाया गया। सॉस निर्माण में इस्तेमाल की जा रही मशीनों पर भारी मात्रा में गंदगी जमी हुई थी। फैक्ट्री की दीवारें और फर्श भी साफ-सफाई के मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे।

ऐसी परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

जांच के लिए भेजे गए नमूने

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फैक्ट्री से तैयार वेजिटेबल सॉस सहित दो नमूने संग्रहित किए हैं। इन नमूनों को गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच के लिए रुद्रपुर स्थित अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जरूरी दस्तावेज भी नहीं मिले

निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री संचालक पानी की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, सॉस की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक बोतलों का फूड ग्रेड प्रमाणपत्र सहित कई अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

इसके अलावा लेबलिंग संबंधी नियमों का भी गंभीर उल्लंघन पाया गया, जिसके चलते विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए स्टॉक में रखे गए लगभग 8 कुंतल सॉस, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये बताई गई है, को मौके पर ही नष्ट करा दिया।

फैक्ट्री के उत्पादन और बिक्री पर तत्काल रोक

खाद्य सुरक्षा विभाग ने अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए संबंधित इकाई में सॉस तथा अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण, संग्रहण और बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। विभाग द्वारा कार्रवाई संबंधी नोटिस फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर चस्पा कर दिया गया है।

विभाग ने दी सख्त चेतावनी

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और वितरण में नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि खाद्य उत्पाद खरीदते समय पैकेज पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और अन्य आवश्यक जानकारियां अवश्य जांचें तथा संदिग्ध उत्पादों की सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।

निष्कर्ष

रुड़की में अवैध सॉस फैक्ट्री पर हुई यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करती है। बिना मानकों के तैयार किए जा रहे खाद्य उत्पाद सीधे लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने और केवल प्रमाणित व लेबलयुक्त खाद्य उत्पाद ही खरीदने चाहिए, जबकि प्रशासन का नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर प्रभावी रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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