देहरादून | 9 अगस्त 2026
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। जारी सूची में कुल 178 नेताओं को अलग-अलग श्रेणियों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने इस विस्तार के जरिए संगठन के साथ-साथ सरकार और चुनावी नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय बनाने का प्रयास किया है।
तीन श्रेणियों में हुआ कार्यसमिति का गठन
भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार प्रदेश कार्यसमिति में नेताओं को तीन प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। इनमें विशेष आमंत्रित सदस्य, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और स्थाई आमंत्रित सदस्य शामिल हैं।
कुल 178 नेताओं में 32 विशेष आमंत्रित सदस्य, 121 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और 25 स्थाई आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। पार्टी का यह निर्णय आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
32 विशेष आमंत्रित सदस्यों को मिली जिम्मेदारी
विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची में कुल 32 नेताओं को स्थान दिया गया है। हालांकि इस सूची में उत्तराखंड के सभी जिलों को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। पौड़ी और चंपावत जिले से किसी नेता को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल नहीं किया गया है।
वहीं राज्य के अन्य 10 जिलों से जुड़े नेताओं को इस श्रेणी में जगह दी गई है। इससे पार्टी के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय नेताओं को प्रदेश संगठन के महत्वपूर्ण मंच से जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है।
121 नेताओं की सबसे बड़ी सूची
प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों की सूची सबसे बड़ी है। इसमें कुल 121 नेताओं को शामिल किया गया है। इस सूची की खास बात यह है कि उत्तराखंड के सभी जिलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
पार्टी ने जिला स्तर पर सक्रिय नेताओं को प्रदेश संगठन से जोड़कर क्षेत्रीय संतुलन बनाने का प्रयास किया है। इससे संगठन की गतिविधियों को प्रदेश से लेकर बूथ और विधानसभा स्तर तक बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
25 स्थाई आमंत्रित सदस्यों में शीर्ष नेतृत्व शामिल
स्थाई आमंत्रित सदस्यों की सूची में कुल 25 नेताओं को जगह दी गई है। इस श्रेणी में भाजपा के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व को शामिल किया गया है।
सूची में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मंत्रिमंडल के सदस्य, भाजपा सांसद और विधायक भी शामिल हैं। इस व्यवस्था के जरिए सरकार और संगठन के बीच समन्वय को और मजबूत करने की कोशिश की गई है।
2027 चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति का यह विस्तार ऐसे समय हुआ है, जब उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। पार्टी लगातार संगठनात्मक स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने और अलग-अलग क्षेत्रों में अपने नेटवर्क को मजबूत करने में जुटी है।
प्रदेश कार्यसमिति में 178 नेताओं को शामिल किए जाने को इसी चुनावी रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ विभिन्न जिलों और क्षेत्रों में सक्रिय पदाधिकारियों को भी संगठन की मुख्यधारा में प्रभावी भूमिका दी जाए।
संगठन और सरकार के बीच तालमेल पर जोर
प्रदेश कार्यसमिति की तीनों सूचियों को देखा जाए तो भाजपा ने संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सरकार में जिम्मेदारी निभा रहे नेताओं के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है।
विशेष आमंत्रित सदस्यों और प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों के जरिए संगठन का विस्तार किया गया है, जबकि स्थाई आमंत्रित सदस्यों में सरकार और निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल कर संगठन तथा सत्ता के बीच समन्वय का ढांचा तैयार किया गया है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में 178 नेताओं को जिम्मेदारी दिया जाना आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन के पुनर्गठन और विस्तार की दिशा में अहम कदम है। सभी जिलों को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य की सूची में प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने व्यापक संगठनात्मक भागीदारी का संदेश दिया है। अब इन नई जिम्मेदारियों के साथ भाजपा का अगला फोकस बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और 2027 के चुनावी अभियान के लिए मजबूत रणनीति तैयार करने पर रहने की संभावना है।


