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नई टिहरी में गुलदार समझकर मचा हड़कंप, जांच में निकली लेपर्ड कैट; लोगों ने ली राहत की सांस

नई टिहरी | 9 अगस्त 2026

नई टिहरी के बौराड़ी क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय लोगों में हड़कंप मच गया, जब सफाई के दौरान एक घर के पास झाड़ियों में वन्यजीव दिखाई दिया। सफाई कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने पहली नजर में उसे गुलदार का बच्चा समझ लिया। सूचना फैलते ही आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया और वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई।

झाड़ियों की सफाई के दौरान दिखाई दिया वन्यजीव

बौराड़ी क्षेत्र में इन दिनों बरसात के कारण बढ़ी झाड़ियों की कटाई और सफाई का काम चल रहा है। रविवार सुबह सफाई कर्मचारी एक घर के आसपास झाड़ियों की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें झाड़ियों के बीच एक वन्यजीव नजर आया।

जानवर की बनावट और शरीर पर मौजूद धब्बों को देखकर लोगों ने उसे गुलदार का शावक समझ लिया। इसके बाद आसपास के लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई।

वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर की जांच

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने मौके पर मौजूद वन्यजीव को देखा और उसकी पहचान की। जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि वह गुलदार का बच्चा नहीं, बल्कि लेपर्ड कैट यानी जंगली बिल्ली है।

वन विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। गुलदार के शावक की मौजूदगी की आशंका के कारण जिस इलाके में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया था, वहां स्थिति सामान्य हो गई।

बरसात में बढ़ जाती है वन्यजीवों की गतिविधियां

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में आबादी वाले इलाकों के आसपास झाड़ियां तेजी से बढ़ जाती हैं। ऐसे में छोटे वन्यजीवों को भी इन झाड़ियों में छिपने के लिए सुरक्षित स्थान मिल जाता है। सड़क किनारे, नालियों और रास्तों के आसपास लंबे समय तक झाड़ियां रहने से वन्यजीवों की मौजूदगी का पता लगाना भी मुश्किल हो सकता है।

इसी वजह से स्थानीय लोगों ने आबादी वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से झाड़ियों की कटाई और नालियों की सफाई कराने की जरूरत बताई है।

पालिकाध्यक्ष ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

नगर पालिका टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने बताया कि सुबह सफाई कर्मचारी क्षेत्र में काम कर रहे थे। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने फोन कर वहां गुलदार का बच्चा होने की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया।

वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और बताया कि दिखाई दिया जानवर गुलदार का शावक नहीं, बल्कि लेपर्ड कैट है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

पालिकाध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि आबादी क्षेत्र में किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे पकड़ने की कोशिश न करें। तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा वन विभाग को सूचना दें।

उन्होंने कहा कि शहर के बड़े क्षेत्र में जहां भी झाड़ियां अधिक बढ़ गई हैं, वहां उनकी कटाई का काम कराया जा रहा है। इसके साथ ही नालियों की सफाई पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आबादी वाले क्षेत्रों में ऐसी परिस्थितियां कम हों।

क्या होती है लेपर्ड कैट

लेपर्ड कैट एक जंगली बिल्ली प्रजाति का स्तनधारी वन्यजीव है। इसके शरीर पर धब्बे और आकृति कई बार छोटी उम्र के गुलदार से मिलती-जुलती दिखाई दे सकती है। इसी वजह से दूर से देखने पर लोग इसे गुलदार का बच्चा समझने की गलती कर सकते हैं।

हालांकि आकार में लेपर्ड कैट गुलदार से काफी छोटी होती है। इसकी शरीर की लंबाई, पूंछ को छोड़कर, सामान्य तौर पर लगभग 45 से 75 सेंटीमीटर तक हो सकती है। यह मुख्य रूप से छोटे जीवों का शिकार करती है और इसके भोजन में चूहे, गिलहरी तथा अन्य छोटे जीव शामिल होते हैं।

लेपर्ड कैट भारतीय उपमहाद्वीप के अलावा दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न हिस्सों में पाई जाती है।

गलत पहचान से बढ़ी थी लोगों की चिंता

बौराड़ी क्षेत्र की इस घटना में वन्यजीव की सही पहचान होने से बड़ी गलतफहमी दूर हुई। गुलदार के बच्चे की सूचना मिलने के बाद जिस इलाके में लोग आशंकित थे, वहां वन विभाग की जांच के बाद स्थिति साफ हो गई।

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की अपील है कि वन्यजीव दिखाई देने पर लोग भीड़ न लगाएं और उसके साथ छेड़छाड़ न करें। किसी भी संदिग्ध वन्यजीव की तस्वीर या सूचना संबंधित विभाग तक पहुंचाना ही सबसे सुरक्षित कदम है।

निष्कर्ष

नई टिहरी के बौराड़ी क्षेत्र में गुलदार के शावक को लेकर शुरू हुई दहशत आखिरकार लेपर्ड कैट की पहचान के बाद खत्म हो गई। घटना ने यह भी सामने ला दिया कि बरसात के दौरान बढ़ती झाड़ियों के कारण आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी बढ़ सकती है। ऐसे में नियमित सफाई के साथ लोगों की सतर्कता और वन विभाग को समय पर सूचना देना बेहद जरूरी है।

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