देहरादून, 23 अगस्त 2026
स्थान: अटल मिलन केंद्र, सैनिक कॉलोनी, बालावाला, देहरादून
बालावाला मंडल में गौरव सेनानी एसोसिएशन की ओर से पूर्व सैनिकों, पूर्व अर्धसैनिकों, वीर नारियों और सैनिक आश्रित परिवारों का मिलन समारोह आयोजित किया गया। अटल मिलन केंद्र सैनिक कॉलोनी में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने भाग लेकर संगठन की एकजुटता का संदेश दिया।
अमर शहीदों को नमन कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनकी स्मृति में एक मिनट का मौन रखा गया। कार्यक्रम में वीर नारियों के योगदान और त्याग को विशेष रूप से सम्मान दिया गया। वीर नारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
12 पूर्व सैनिकों और पूर्व अर्धसैनिकों ने ली संगठन की सदस्यता
मिलन समारोह के दौरान हाल ही में सेना और अर्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त हुए करीब 12 पूर्व सैनिकों और पूर्व अर्धसैनिकों ने गौरव सेनानी एसोसिएशन की सदस्यता ग्रहण की। संगठन के पदाधिकारियों ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें एसोसिएशन की गतिविधियों से जुड़कर पूर्व सैनिक समाज के हित में काम करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में एसोसिएशन के केंद्रीय पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया और पूर्व सैनिकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं तथा उनके समाधान को लेकर विचार-विमर्श किया।
16 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से फिर होगी वार्ता
एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर सिंह राणा ने कहा कि संगठन देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में पूर्व सैनिकों और पूर्व अर्धसैनिकों के साथ होने वाली समस्याओं और घटनाओं को लेकर लगातार एकजुट होकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन जल्द ही अपनी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर करीब दो साल बाद प्रदेश सरकार के साथ फिर वार्ता करेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस बार भी सरकार की ओर से मांगों पर गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया गया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन और प्रदर्शन का रास्ता अपना सकता है।
पूर्व सैनिकों के आरक्षण का मुद्दा भी उठाया
महावीर सिंह राणा ने कहा कि उत्तराखंड को देश के सैन्य बहुल राज्यों में गिना जाता है, लेकिन पूर्व सैनिकों के लिए राज्य में उपलब्ध आरक्षण की व्यवस्था अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे गंभीर विषय बताया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिवार रहते हैं, इसलिए उनके हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सरकार के समक्ष रखा जाना चाहिए।
उपनल में नियमितीकरण की मांग
समारोह में पूर्व सैनिकों के रोजगार से जुड़ा उपनल का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि उपनल की स्थापना पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक नियमितीकरण की प्रक्रिया से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पूर्व सैनिकों में असंतोष है और संगठन जल्द ही सरकार के साथ वार्ता कर नियमितीकरण की मांग को मजबूती से उठाएगा।
मंडल स्तर पर लगातार होंगी बैठकें
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने अपनी विभिन्न समस्याएं संगठन के पदाधिकारियों के सामने रखीं। एसोसिएशन की ओर से इन समस्याओं को संबंधित विभागों और शासन-प्रशासन के समक्ष उठाने का भरोसा दिलाया गया।
संगठन ने कहा कि आने वाले समय में इसी तरह मंडल स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि पूर्व सैनिकों, पूर्व अर्धसैनिकों, वीर नारियों और सैनिक आश्रित परिवारों की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर सुना और उनके समाधान के लिए प्रभावी पहल की जा सके।
गैरराजनीतिक संगठन के रूप में काम करने का संकल्प
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि संगठन गैरराजनीतिक तरीके से पूर्व सैनिकों, पूर्व अर्धसैनिकों, वीर नारियों और सैनिक आश्रितों के हितों के लिए कार्य करेगा। इसके लिए शासन और प्रशासन के साथ संवाद स्थापित कर कल्याणकारी योजनाओं, रोजगार, सम्मान और अन्य सुविधाओं से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाया जाएगा।
बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में बालावाला मंडल अध्यक्ष कैप्टन विजय भट्ट के साथ पुष्कर सिंह, प्रेम सिंह, गिरीश जोशी, मनवर रौथाण, बीरेन्द्र कंडारी, खुशाल परिहार, यशवंत सिंह, भागचंद सजवाण, प्रीतम नेगी, चंडी प्रसाद, खुशाल सिंह और रघुवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, पूर्व अर्धसैनिक और वीर नारियां मौजूद रहीं।
निष्कर्ष
बालावाला में आयोजित यह मिलन समारोह केवल पूर्व सैनिकों के आपसी मेल-मिलाप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें रोजगार, आरक्षण, नियमितीकरण और कल्याणकारी योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। संगठन ने स्पष्ट किया कि पूर्व सैनिक समाज की समस्याओं को संगठित तरीके से सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए आगे भी मंडल स्तर पर अभियान जारी रखा जाएगा।


