दिनांक: 23 अगस्त 2026
स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड
हरिद्वार के बैरागी कैंप क्षेत्र में उस समय लोगों में दहशत फैल गई, जब गंगा नदी से निकलकर एक विशालकाय मगरमच्छ आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। करीब छह फीट लंबे मगरमच्छ ने सड़क किनारे खड़ी एक बस के नीचे अपना ठिकाना बना लिया। अचानक नजर पड़ने पर आसपास मौजूद लोगों के होश उड़ गए। कुछ ही देर में मगरमच्छ को देखने के लिए मौके पर भीड़ जुट गई।
गंगा से निकलकर आबादी में पहुंचा मगरमच्छ
बैरागी कैंप गंगा नदी के किनारे बसा क्षेत्र है। बताया जा रहा है कि शनिवार को दिन के समय एक मगरमच्छ गंगा से निकलकर आबादी की ओर आ गया। इलाके में लोगों की आवाजाही और शोरगुल बढ़ने पर मगरमच्छ सड़क किनारे खड़ी बस के नीचे जाकर छिप गया।
बस के पास मौजूद लोगों की नजर जब विशालकाय मगरमच्छ पर पड़ी तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया
मगरमच्छ की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मी दुष्यंत सैनी, भोलाराम, लाखन सिंह और जितेंद्र कुमार ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
मगरमच्छ बस के नीचे होने के कारण उसे बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। वनकर्मियों ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को बस के नीचे से बाहर निकाला। इसके बाद छड़ी की मदद से उसे नियंत्रित कर सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया।
सुरक्षित गंगा में छोड़ा गया
रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को आबादी से दूर ले जाया गया। वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित स्थान पर दोबारा गंगा नदी में छोड़ दिया। इस दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि बैरागी कैंप में मगरमच्छ के पहुंचने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया था। टीम ने सुरक्षित तरीके से मगरमच्छ का रेस्क्यू किया और उसे आबादी से दूर ले जाकर गंगा नदी में छोड़ दिया।
वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे तो घबराने या उसके करीब जाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें। वन्यजीव को पकड़ने या उसे भगाने की कोशिश करना लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से वन्यजीव और इंसान दोनों को सुरक्षित बचाया जा सकता है।
मानसून में बढ़ी वन्यजीवों की आवाजाही
मानसून के दौरान हरिद्वार के कई आबादी वाले इलाकों में वन्यजीवों के पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में अजगर और मगरमच्छ समेत कई वन्यजीवों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
वन विभाग के अनुसार बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव होने और प्राकृतिक आवासों में पानी बढ़ने के कारण वन्यजीव सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी की ओर पहुंच सकते हैं। ऐसे में नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
निष्कर्ष
बैरागी कैंप में बस के नीचे छिपे विशालकाय मगरमच्छ ने लोगों के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल जरूर पैदा कर दिया, लेकिन वन विभाग की तत्परता से उसे बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस उसके प्राकृतिक आवास में पहुंचा दिया गया। मानसून के दौरान वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।


