दिनांक: 23 अगस्त 2026
स्थान: प्रेमनगर, देहरादून, उत्तराखंड
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में सड़क पर खड़ी गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते मारपीट और पिस्टल दिखाने तक पहुंच गया। एक हॉस्टल के पास हुए इस विवाद में दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी और मारपीट हुई। आरोप है कि एक पक्ष ने डंडे से हमला किया, जबकि दूसरे पक्ष ने लाइसेंसी पिस्टल दिखाकर धमकाने की कोशिश की।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रेमनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, डंडा और फॉर्च्यूनर कार बरामद की है।
हॉस्टल के पास हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक 21 अगस्त की रात कंट्रोल रूम को एक हॉस्टल के पास कुछ लोगों के बीच मारपीट और हुड़दंग की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
सीसीटीवी फुटेज में सड़क पर एक बस और फॉर्च्यूनर कार खड़ी दिखाई दी। दोनों वाहनों के पास दो लोग आपस में विवाद करते नजर आए। फुटेज में एक व्यक्ति के हाथ में डंडा और दूसरे के हाथ में पिस्टल दिखाई दे रही थी।
हाई बीम लाइट में खड़ी थी फॉर्च्यूनर
पुलिस जांच के दौरान एक व्यक्ति की पहचान झाझरा निवासी गौरव के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में गौरव ने बताया कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान की बस चलाता है। रात में वह मांडूवाला स्थित अपने घर जा रहा था। हॉस्टल के पास फॉर्च्यूनर सड़क पर हाई बीम लाइट के साथ खड़ी थी। बस चालक के मुताबिक उसने हॉर्न देकर वाहन हटाने को कहा, लेकिन वाहन नहीं हटाया गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।
डंडे से हमला करने के बाद पिस्टल दिखाने का आरोप
पुलिस के अनुसार विवाद बढ़ने पर गौरव ने बस से डंडा निकाल लिया और फॉर्च्यूनर चालक पर हमला कर दिया। इसी दौरान फॉर्च्यूनर चालक का एक साथी भी मौके पर पहुंच गया।
आरोप है कि इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई और फॉर्च्यूनर सवार युवकों ने लाइसेंसी पिस्टल निकालकर बस चालक को धमकाने का प्रयास किया। घटना के दौरान गाली-गलौज और हाथापाई भी हुई।
अस्पताल से पकड़े गए दो आरोपी
गौरव से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने फॉर्च्यूनर सवार दोनों युवकों की पहचान नीरज राजपूत और मनीष नेगी के रूप में की। पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों इलाज के लिए एक निजी अस्पताल पहुंचे हैं।
इसके बाद पुलिस टीम ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल बताई जा रही लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए।
पिस्टल के लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई
थाना प्रेमनगर प्रभारी नरेश राठौर ने बताया कि पुलिस ने गौरव, मनीष नेगी और नीरज राजपूत को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, पिस्टल नीरज राजपूत के नाम पर लाइसेंसी है। घटना के दौरान सार्वजनिक स्थान पर पिस्टल का कथित रूप से प्रदर्शन किए जाने को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। इसके लाइसेंस के निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया है। उनके खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर मारपीट करने, हुड़दंग कर शांति व्यवस्था प्रभावित करने, घातक हथियार का प्रदर्शन करने और लाइसेंसी हथियार के कथित दुरुपयोग के आरोपों में कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने, हथियारों का प्रदर्शन करने और हुड़दंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निष्कर्ष
प्रेमनगर में गाड़ी हटाने जैसे मामूली विवाद ने जिस तरह मारपीट और हथियार के कथित प्रदर्शन का रूप लिया, उसने सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ लाइसेंसी पिस्टल के दुरुपयोग को लेकर भी प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जा रही है।


