दिनांक: 23 सितंबर 2026
स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड
धर्मनगरी हरिद्वार में यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने वाले ऑटो और विक्रम चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बाहर से आने वाले यात्रियों से निर्धारित किराए से कई गुना अधिक रकम वसूलने की शिकायतों के बाद विभागीय अधिकारियों ने खुद आम यात्री बनकर वाहनों में सफर किया। इस दौरान ऐसा मामला सामने आया, जिसने परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी चौंका दिया।
हरिद्वार के रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन तक करीब तीन किलोमीटर की दूरी के लिए एक विक्रम चालक ने एआरटीओ निखिल शर्मा से ही 300 रुपये किराया मांग लिया। जबकि इस रूट का निर्धारित किराया महज 50 रुपये है। यानी चालक ने तय किराए से करीब छह गुना रकम मांग ली। मामले का खुलासा होते ही परिवहन विभाग ने दोनों विक्रमों को जब्त कर लिया।
शिकायतों के बाद शुरू हुई औचक जांच
परिवहन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि हरिद्वार में बाहर से आने वाले यात्रियों से ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक रकम मांगने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग ने औचक जांच अभियान शुरू किया।
एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा और एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की जांच की। अधिकारियों ने सिर्फ वाहनों के दस्तावेज और नियमों की जांच ही नहीं की, बल्कि वास्तविक स्थिति जानने के लिए खुद आम यात्रियों की तरह ऑटो और विक्रम में सफर किया।
एआरटीओ को ही यात्री समझकर मांग लिए 300 रुपये
जांच के दौरान एआरटीओ निखिल शर्मा खुद यात्री बनकर वाहनों में बैठे। इसी दौरान रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन जाने के लिए दो अलग-अलग विक्रम चालकों ने उनसे 300 रुपये किराए की मांग कर दी।
जबकि करीब तीन किलोमीटर के इस मार्ग का निर्धारित किराया 50 रुपये है। इस तरह यात्रियों से तय किराए से छह गुना अधिक रकम मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद परिवहन विभाग ने दोनों विक्रमों को तत्काल जब्त कर लिया।
अब दोनों वाहन परिवहन कार्यालय में खड़े हैं और उनके चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
105 वाहनों के चालान, 25 जब्त
मनमाना किराया वसूलने वाले वाहनों के अलावा परिवहन विभाग की टीम ने अभियान के दौरान अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की।
जांच के दौरान कुल 105 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 25 वाहनों को जब्त किया गया। इनमें एक ई-रिक्शा ओवरलोडिंग करते हुए मिला। इसके अलावा दो ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के संचालित होते पाए गए। तीनों वाहनों को भी मौके पर जब्त कर लिया गया।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा चालकों में हड़कंप की स्थिति रही।
बाहर से आने वाले यात्रियों से मनमानी वसूली पर नजर
हरिद्वार देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय परिवहन साधनों से किराए को लेकर होने वाली शिकायतों को लेकर परिवहन विभाग ने निगरानी बढ़ाई है।
अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक वसूली, ओवरलोडिंग और बिना पंजीकरण वाहनों का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आगे भी जारी रहेगा औचक निरीक्षण
एआरटीओ निखिल शर्मा ने कहा कि यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों के बाद औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित किराए से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर इस तरह की आकस्मिक जांच आगे भी की जाएगी, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों को परिवहन सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो और निर्धारित किराए का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
निष्कर्ष: हरिद्वार में तीन किलोमीटर की दूरी के लिए 300 रुपये मांगने का मामला परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद सामने आया। खास बात यह रही कि मनमाना किराया मांगने वाले चालक को पता ही नहीं था कि जिस यात्री से वह रकम मांग रहा है, वह खुद परिवहन विभाग का अधिकारी है। अब विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किराए में मनमानी, ओवरलोडिंग और बिना पंजीकरण वाहन चलाने वालों के खिलाफ जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



