दिनांक: 23 सितंबर 2026
स्थान: खटीमा, ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड
उत्तराखंड के खटीमा में मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल और बढ़ते स्क्रीन टाइम के दुष्प्रभावों को लेकर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम उस समय चर्चा में आ गया, जब स्कूल में मौजूद बच्चों के बीच अचानक डर का माहौल बन गया। बिरिया मझोला स्थित एक निजी विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों की आंखों पर पट्टियां बांधी गई थीं और उनके आसपास लाल रंग का पदार्थ लगाया गया था। इसी दौरान कथित तौर पर एक बच्चे ने मोबाइल के अधिक इस्तेमाल के कारण आंखें खराब होने की बात कही, जिसके बाद कई बच्चे डर गए और रोने-चिल्लाने लगे।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय को नोटिस जारी कर कार्यक्रम के तरीके को लेकर जवाब मांगा है।
आंखों पर पट्टी बांधकर कराया गया कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल और ज्यादा स्क्रीन टाइम से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की आंखों पर पट्टियां बांधी गई थीं। बताया गया कि बच्चों के आसपास लाल रंग का पदार्थ भी लगाया गया था। इसका उद्देश्य मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से आंखों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बच्चों में जागरूकता पैदा करना बताया जा रहा था।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान स्थिति उस समय बदल गई, जब बच्चों के बीच मोबाइल के इस्तेमाल और आंखों की रोशनी से जुड़ी एक डराने वाली बात कही गई।
आंखें निकालने की बात सुनकर घबराए बच्चे
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान एक बच्चे ने अपने सहपाठियों से कहा कि उसने मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल किया था और इसके कारण डॉक्टरों ने उसकी दोनों आंखें निकाल दी थीं।
इस बात को सुनकर वहां मौजूद कई बच्चे घबरा गए। कुछ बच्चे डर के कारण चीखने और चिल्लाने लगे, जबकि कई बच्चे रोने लगे। कार्यक्रम के दौरान अचानक बच्चों में फैली दहशत का वीडियो भी सामने आया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो में बच्चे मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने और इससे दूरी बनाए रखने का संकल्प लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने लिया संज्ञान
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला शिक्षा विभाग तक पहुंचा। बच्चों में डर पैदा होने की स्थिति को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय से जवाब मांगा है।
खंड शिक्षा अधिकारी भानुप्रताप कुशवाहा ने माना कि बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल और स्क्रीन टाइम के प्रति जागरूक करने के लिए अपनाया गया तरीका उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को जानकारी देना था, लेकिन इस तरीके से उनमें दहशत पैदा हो गई।
स्कूल को जारी किया गया नोटिस
खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मामले को लेकर संबंधित विद्यालय को नोटिस जारी किया गया है। विद्यालय से कार्यक्रम के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और बच्चों में भय की स्थिति को लेकर जवाब मांगा गया है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों के लिए आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में उनके मानसिक स्तर और उम्र का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। किसी विषय को समझाने के लिए ऐसा तरीका नहीं अपनाया जाना चाहिए जिससे बच्चों में अनावश्यक डर या तनाव की स्थिति पैदा हो।
जागरूकता जरूरी, लेकिन तरीका भी महत्वपूर्ण
मोबाइल फोन और बढ़ते स्क्रीन टाइम के प्रति बच्चों को जागरूक करना आज के समय में जरूरी विषय है। हालांकि, खटीमा की इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि बच्चों को किसी समस्या के प्रति सचेत करते समय जागरूकता और भय के बीच संतुलन किस तरह बनाया जाए।
निष्कर्ष: खटीमा के बिरिया मझोला स्थित निजी विद्यालय में मोबाइल जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों के डरने और रोने का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। बीईओ ने कार्यक्रम के तरीके को सही नहीं मानते हुए स्कूल को नोटिस जारी किया है। अब विद्यालय के जवाब और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


