स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 7 नवंबर 2026
देहरादून: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े विवाद में फरार चल रहे उनके पति गिरधारी लाल साहू को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद गिरधारी लाल का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा, “अगर मेरे जेल जाने से मेरी पत्नी खुश हैं तो यही सही।” इस मामले में पुलिस ने उनके भतीजे सतेंद्र राठौर को भी गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से पकड़ने में देहरादून पुलिस की नौ सदस्यीय एसआईटी को सफलता मिली है।
झांसी से गिरधारी और बरेली से भतीजा गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित नौ सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) लगातार दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। कई दिनों तक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में दबिश देने के बाद पुलिस ने 6 नवंबर को कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू को उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार किया।
वहीं, उनके भतीजे सतेंद्र राठौर को बरेली के जोगी नवादा इलाके से हिरासत में लिया गया। दोनों को पकड़ने के लिए पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद ली थी।
रेखा आर्या ने लगाए थे शादी छिपाने और मारपीट के आरोप
इस पूरे मामले की शुरुआत 15 अक्टूबर को हुई थी, जब कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कैंट कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी।
अपनी शिकायत में उन्होंने पति गिरधारी लाल साहू पर पूर्व विवाह की बात छिपाकर शादी करने, गाली-गलौज, मारपीट और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए और उन्हें चार कंपनियों के निदेशक पद से हटा दिया गया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने एसपी ग्रामीण प्रथम के पर्यवेक्षण में नौ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।
फर्जी दस्तावेज बनाकर भतीजे को निदेशक बनाने का आरोप
एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, गिरधारी लाल साहू ने अपने भतीजे सतेंद्र राठौर के साथ मिलकर कथित तौर पर रेखा आर्या के फर्जी हस्ताक्षर किए और दस्तावेजों में हेराफेरी कर उन्हें चार कंपनियों के निदेशक पद से हटवा दिया।
इसके बाद सतेंद्र राठौर को इन कंपनियों में निदेशक बनाए जाने का आरोप है।
जांच के दायरे में आई चार कंपनियां हैं:
देवों के देव महादेव
बनखंडी रुद्राक्ष धाम
श्री अंबे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड
श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड
जांच के दौरान सतेंद्र की भूमिका सामने आने के बाद उसे भी इस मामले में आरोपी बनाया गया। एसआईटी ने ऑडियो क्लिप कब्जे में लेकर गवाहों के बयान दर्ज किए और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की।
गिरधारी लाल पर 44 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान गिरधारी लाल साहू के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई गई। इसमें उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 44 प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार काम कर रही थीं। आखिरकार 6 नवंबर को दोनों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार कर लिया गया।
अब SIT कर रही दोनों आरोपियों से पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद एसआईटी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों, कथित फर्जी हस्ताक्षरों और कंपनियों में निदेशक पदों के बदलाव को लेकर आगे की जांच कर रही है।
निष्कर्ष: रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू से जुड़ा यह मामला अब गिरफ्तारी के बाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पत्नी की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में पति और भतीजे दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं। अब एसआईटी की पूछताछ और जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित दस्तावेजी हेराफेरी किस तरह की गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
नोट: खबर में दर्ज आरोप पुलिस जांच और शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


