शिमला बाईपास, देहरादून | 22 अक्टूबर 2026
देहरादून के शिमला बाईपास रोड स्थित रतनपुर में रतनपुर युवा सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित 14 दिवसीय रामलीला मंचन 2026 का समापन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। समापन समारोह में भगवान श्रीराम का भव्य राजतिलक किया गया। इसके साथ ही महायज्ञ, हवन और विशाल भंडारे का आयोजन भी हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे क्षेत्र में ढोल-नगाड़ों और जय श्रीराम के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
मानक सिद्धपीठ मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा
रामलीला के समापन अवसर पर भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा मानक सिद्धपीठ मंदिर से शुरू हुई। शोभायात्रा गांव और गणेशपुर से होते हुए रतनपुर स्थित रामलीला प्रांगण पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूल-मालाओं और जय श्रीराम के नारों से पूरा क्षेत्र राममय नजर आया।
रामलीला प्रांगण में भगवान श्रीराम का अयोध्या की परंपरा के अनुरूप फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। राजतिलक समारोह में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद करते हुए धार्मिक उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
14 दिनों तक कलाकारों ने किया रामायण के प्रसंगों का मंचन
चौदह दिनों तक चले रामलीला आयोजन में भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण के विभिन्न प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं को पूरे समर्पण और उत्साह के साथ निभाया। समिति के सदस्यों और सहयोगियों के प्रयासों से कार्यक्रम को व्यवस्थित और आकर्षक रूप दिया गया।
कलाकारों को मंचन के लिए तैयार करने में मेकअप आर्टिस्ट गिरीश जोशी और राकेश नैनवाल ने विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे 14 दिनों तक कलाकारों को उनके पात्रों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
आठ वर्षों से संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ा रही समिति
रतनपुर युवा सांस्कृतिक समिति पिछले आठ वर्षों से लगातार रामलीला मंचन का आयोजन करती आ रही है। नवरात्र के अवसर पर होने वाली रतनपुर की रामलीला शिमला बाईपास क्षेत्र में अपनी भव्य प्रस्तुतियों, कलाकारों और सांस्कृतिक आयोजन के लिए विशेष पहचान रखती है।
इस आयोजन में प्रतिवर्ष क्षेत्रीय विधायक, मंत्री, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग भी शामिल होते हैं। समिति धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ गांव में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहती है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित कर समिति स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने तथा क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का प्रयास करती है।
महायज्ञ, हवन और विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
रामलीला के अंतिम दिन विधि-विधान के साथ महायज्ञ और हवन संपन्न कराया गया। इसके बाद भगवान श्रीराम का राजतिलक किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया।
समारोह के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी दिया।
समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों का रहा अहम योगदान
रामलीला के सफल आयोजन में समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों, कलाकारों और क्षेत्रवासियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन में समिति के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह नेगी, उपाध्यक्ष, सचिव दलवीर सिंह रावत, कोषाध्यक्ष सुशील रावत, रामलीला निर्देशक विक्रम रावत, संरक्षक नरेंद्र सिंह राणा, पूर्व उपाध्यक्ष देवेंद्र रावत और विक्रम पंवार सहित अनेक सदस्यों एवं गणमान्य व्यक्तियों का योगदान रहा।
समिति ने सभी कलाकारों, सहयोगियों, ग्रामवासियों, क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। समिति के अनुसार, सभी के सहयोग और सहभागिता से 14 दिवसीय रामलीला का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
निष्कर्ष
रतनपुर में आयोजित 14 दिवसीय रामलीला का भव्य राजतिलक के साथ समापन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बना। समिति ने एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और लोगों का सहयोग इस धार्मिक परंपरा के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था को दर्शाता है।


