स्थान: देहरादून, उत्तराखंड | दिनांक: 21 अक्टूबर 2026
देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिसकर्मियों के कल्याण, सुविधाओं और भर्ती को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न वर्दीधारी इकाइयों में खाली पड़े 1600 पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। इसके साथ ही देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और मल्टी स्टोरेज बैरक बनाने तथा पुलिस अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की घोषणा भी की।
शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि
पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर देहरादून पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान शहीद हुए पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा, साहस और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। कई बार कर्तव्य का पालन करते हुए उन्हें अपने प्राणों तक का बलिदान देना पड़ता है। उनका त्याग और साहस पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
सीएम धामी के अनुसार, बीते एक वर्ष में देशभर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 154 जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए। इनमें उत्तराखंड के तीन जवान भी शामिल हैं।
शहीदों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद केवल अपने परिवार का गौरव नहीं होता, बल्कि पूरे देश का सम्मान होता है। किसी जवान के शहीद होने से उसके परिवार को जो क्षति पहुंचती है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। हालांकि, देश के लिए दिया गया बलिदान हमेशा अमर रहता है और आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा की प्रेरणा देता है।
उन्होंने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्मारक देशवासियों को हमेशा याद दिलाता रहेगा कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए कितना बड़ा त्याग किया है।
उत्तराखंड में पुलिस की जिम्मेदारी चुनौतीपूर्ण
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां पुलिस की जिम्मेदारी और भी चुनौतीपूर्ण है। पर्वतीय क्षेत्रों में कठिन रास्ते, प्राकृतिक आपदाओं का खतरा और चीन तथा नेपाल से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पुलिस के सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी करती हैं। इसके अलावा उत्तराखंड की सीमाएं उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से भी मिलती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था मजबूत करने में पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। समय के साथ अपराधों का स्वरूप भी बदल रहा है। अब पुलिस के सामने पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ नशे के बढ़ते नेटवर्क और डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों से निपटने की चुनौती भी है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं में नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि नशा नई पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। इससे निपटने के लिए पुलिस को प्रभावी कार्रवाई और बेहतर संसाधनों की जरूरत है।
आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के लिए आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस आवास संतुष्टि दर को 18 प्रतिशत से बढ़ाकर 22 प्रतिशत किया गया है। सरकार का लक्ष्य इसे आगे बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से पुलिस आवासों की संख्या बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला पुलिस चिकित्सालयों में उपचार व्यवस्था सुधारने पर भी जोर दिया जा रहा है। नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस मॉडर्न स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी में दबाव और तनाव अधिक रहता है, जिसका असर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसलिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को समय-समय पर तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम आयोजित कराने चाहिए।
785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति, नई भर्तियों का भी जिक्र
सीएम धामी ने बताया कि पुलिसकर्मियों की मेहनत और सेवा को सम्मान देने के उद्देश्य से इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा नागरिक पुलिस में 1573 और प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) में 373 आरक्षियों की सीधी भर्ती की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि वे बिना अनावश्यक दबाव के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम धामी की प्रमुख घोषणाएं
1. 1600 पदों पर भर्ती: उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न वर्दीधारी इकाइयों में रिक्त पड़े 1600 पदों को भरने के लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
2. थानों और चौकियों की समीक्षा: पुलिस थानों और चौकियों में कर्मचारियों के पदों तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी, ताकि जरूरत के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
3. जांच व्यवस्था होगी आधुनिक: पुलिस विवेचकों यानी जांच अधिकारियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे आपराधिक मामलों की जांच अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक तरीके से हो सके।
4. थानों का वार्षिक बजट दोगुना: थानों को जरूरी कार्यों के लिए मिलने वाले वार्षिक बजट को 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई।
5. पुलिस मॉडर्न स्कूलों में सुधार: प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों की व्यवस्थाओं और शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
6. देहरादून में बनेगा ट्रांजिट हॉस्टल: पुलिसकर्मियों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देहरादून में पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
7. मल्टी स्टोरेज बैरक का निर्माण: पुलिस जवानों के रहने की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए देहरादून में बहुमंजिला बैरक बनाई जाएगी।
8. पुलिस अस्पताल होगा अपग्रेड: पुलिसकर्मियों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जाएगा।
निष्कर्ष
पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं में भर्ती, आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं और जांच व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर रहा। 1600 पदों पर भर्ती शुरू करने, देहरादून में ट्रांजिट हॉस्टल और बहुमंजिला बैरक बनाने तथा पुलिस अस्पताल को अपग्रेड करने की घोषणाएं पुलिसकर्मियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके क्रियान्वयन, निर्माण कार्य शुरू होने और भर्ती प्रक्रिया की समयसीमा तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा।


