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गैरसैंण में विधानसभा सत्र, लेकिन कार्य मंत्रणा समिति की बैठक देहरादून में; प्रीतम सिंह ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 21 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड में गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में 27 और 28 अक्टूबर को प्रस्तावित विधानसभा सत्र से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सत्र की कार्यवाही और विधायी एजेंडा तय करने के लिए 24 अक्टूबर को देहरादून में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे सरकार की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए बैठक गैरसैंण में आयोजित करने की मांग की है।

देहरादून में बैठक बुलाने पर कांग्रेस की आपत्ति

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति के सदस्य प्रीतम सिंह ने कहा कि जब विधानसभा का सत्र राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में होना है, तो सत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक भी वहीं आयोजित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सदन की कार्यवाही और अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर चर्चा होती है। ऐसे में इस बैठक का देहरादून में आयोजित किया जाना उचित नहीं लगता। उनके मुताबिक, सरकार को अपने फैसलों और घोषणाओं में एकरूपता रखनी चाहिए।

गैरसैंण को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल

प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का श्रेय तो लेती है, लेकिन वहां राजधानी के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित करने और नियमित रूप से विधानसभा सत्र आयोजित करने के मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है।

उन्होंने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की घोषणा के बावजूद उससे संबंधित महत्वपूर्ण बैठक देहरादून में बुलाना विरोधाभासी है। उनके अनुसार, इससे ऐसा प्रतीत होता है कि गैरसैंण में सत्र आयोजित करना महज औपचारिकता बनकर रह गया है।

कांग्रेस नेता ने सरकार से सवाल किया कि यदि गैरसैंण को वास्तव में ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करना है, तो वहां प्रशासनिक और विधायी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।

दो दिवसीय सत्र में जनसमस्याओं पर चर्चा को लेकर चिंता

प्रीतम सिंह ने 27 और 28 अक्टूबर को प्रस्तावित विधानसभा सत्र की अवधि पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पलायन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याएं जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के सामने इतने गंभीर विषय हैं, तो केवल दो दिनों का सत्र इन सभी मुद्दों पर सार्थक और विस्तृत चर्चा के लिए कितना पर्याप्त होगा, यह विचारणीय है।

कांग्रेस नेता के मुताबिक, विधानसभा सत्र केवल औपचारिक कार्यवाही तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसमें जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता की समस्याओं को सदन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जा सके।

सरकार से उठाए सवाल, गैरसैंण में बैठक कराने की मांग

प्रीतम सिंह ने सरकार के फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए घोषणाओं के साथ-साथ व्यवहारिक कदम उठाने की भी जरूरत है। उन्होंने मांग की कि जब विधानसभा सत्र भराड़ीसैंण में प्रस्तावित है, तो कार्य मंत्रणा समिति की बैठक भी वहीं आयोजित की जानी चाहिए।

उनका कहना है कि विधानसभा की कार्यवाही तय करने वाली बैठक का स्थान भी गैरसैंण के महत्व और राजधानी से जुड़ी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

निष्कर्ष

गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र से पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक देहरादून में बुलाए जाने का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए बैठक गैरसैंण में कराने और विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाकर जनसमस्याओं पर व्यापक चर्चा करने की जरूरत बताई है। अब देखना होगा कि सरकार इस आपत्ति पर क्या रुख अपनाती है और आगामी सत्र में प्रदेश के प्रमुख मुद्दों पर कितनी चर्चा हो पाती है।

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