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हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर गंगाजल की कमी से श्रद्धालु परेशान, स्नान और अस्थि विसर्जन में आई दिक्कत

स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड
दिनांक: 21 अक्टूबर 2026

धर्मनगरी हरिद्वार में वार्षिक गंगा बंदी का असर अब हरकी पैड़ी पर भी दिखाई देने लगा है। दशहरे की रात से शुरू हुई गंगनहर बंदी के चलते विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी पर गंगाजल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसका खामियाजा दूर-दराज से गंगा स्नान और अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करने पहुंचे श्रद्धालुओं को उठाना पड़ रहा है। पवित्र गंगा में आचमन और स्नान की उम्मीद लेकर पहुंचे कई लोगों को पानी नहीं मिलने से निराशा का सामना करना पड़ा।

गंगा स्नान और अस्थि विसर्जन के लिए पहुंचे लोग परेशान

हरकी पैड़ी हरिद्वार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करने के लिए भी हरिद्वार आते हैं।

गंगा बंदी के कारण हरकी पैड़ी पर पानी की कमी होने से ऐसे श्रद्धालुओं को परेशानी हुई, जो लंबा सफर तय करके धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचे थे। श्रद्धालुओं का कहना है कि गंगा बंदी के दौरान भी हरकी पैड़ी पर स्नान और अस्थि विसर्जन जैसी धार्मिक गतिविधियों के लिए पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।

श्रद्धालुओं ने बताई अपनी परेशानी

हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालु हंसराज और प्रकाश सैनी ने बताया कि वे अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करने के लिए यहां आए थे, लेकिन हरकी पैड़ी पर पर्याप्त पानी नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

उन्होंने मांग की कि गंगनहर की वार्षिक बंदी के दौरान श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और जरूरतों का ध्यान रखा जाए। उनके अनुसार, हरकी पैड़ी पर सीमित मात्रा में ही सही, लेकिन इतना पानी जरूर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे लोग स्नान और अस्थि विसर्जन की धार्मिक परंपराएं पूरी कर सकें।

अधिकारियों ने दिया पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन

हरकी पैड़ी पर पानी की कमी को लेकर मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी यहां पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने आश्वस्त किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि धार्मिक कार्यों के लिए हरिद्वार पहुंचने वाले लोगों को परेशानी न हो।

सफाई और मरम्मत के लिए बंद की गई गंगनहर

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण ने भी हरकी पैड़ी पर पर्याप्त मात्रा में गंगाजल उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने बताया कि गंगा बंदी के दौरान गंगनहर की सफाई और जरूरी मरम्मत का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही गंगा की मुख्य धारा पर बंधा बनाने का निर्माण कार्य भी जारी है।

अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हरकी पैड़ी पर पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

दीपावली के आसपास दोबारा शुरू होती है जलापूर्ति

हरिद्वार में हर वर्ष दशहरे की रात से गंगनहर की वार्षिक बंदी की जाती है। इस दौरान नहर की सफाई, मरम्मत और अन्य जरूरी तकनीकी कार्य पूरे किए जाते हैं। इसके बाद दीपावली के आसपास गंगनहर में पानी की आपूर्ति दोबारा सुचारु की जाती है।

हालांकि, इस अवधि में हरकी पैड़ी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर पानी की उपलब्धता श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन और सिंचाई विभाग के सामने सफाई एवं मरम्मत कार्यों के साथ धार्मिक गतिविधियों के लिए आवश्यक जल व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।

निष्कर्ष

हरिद्वार में गंगा बंदी के कारण हरकी पैड़ी पर गंगाजल की कमी ने स्नान और अस्थि विसर्जन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं ने इस अवधि में भी पानी उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। वहीं, प्रशासन और सिंचाई विभाग ने पर्याप्त जल व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि मरम्मत और सफाई कार्यों के बीच हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं के लिए पानी की व्यवस्था कितनी जल्दी सुचारु हो पाती है।

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