देहरादून, 22 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में झूठी खबर प्रसारित करने की धमकी देकर प्रॉपर्टी कारोबारी से रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने एक कथित पत्रकार को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान अनुज अग्रवाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है और वर्तमान में देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र की द्वारिका पुरी में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपित ने कारोबारी से पांच लाख रुपये की मांग की थी और डराकर 50 हजार रुपये अपने बताए बैंक खाते में जमा भी करवा लिए थे।
व्हाट्सएप कॉल कर दी थी खबर प्रसारित करने की धमकी
पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर के मुताबिक, आजाद कॉलोनी, माजरा निवासी तनवीर खान ने 19 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का चांचक क्षेत्र में स्थित एक प्रॉपर्टी को लेकर कुछ लोगों के साथ विवाद चल रहा था।
इसी बीच एक व्यक्ति ने उन्हें व्हाट्सएप कॉल की और खुद को एक न्यूज प्लेटफॉर्म का संचालक बताया। आरोप है कि उसने प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ी खबरें प्रसारित करने की धमकी देते हुए कहा कि इससे कारोबारी की छवि खराब हो जाएगी और उसे नुकसान उठाना पड़ेगा। खबरें रोकने के बदले उसने पांच लाख रुपये की मांग की।
बताया गया कि धमकी से डरकर कारोबारी ने आरोपित के बताए एक्सिस बैंक खाते में 50 हजार रुपये जमा कर दिए। इसके बावजूद बाकी रकम नहीं देने पर आरोपित ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और धमकियां दीं।
आईएसबीटी के पास से पुलिस ने दबोचा
शिकायत मिलने के बाद पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपित अनुज अग्रवाल को आईएसबीटी के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, अनुज अग्रवाल पटेलनगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं का पता लगाया जा सके।
डायरी के पन्ने काटकर बनाया था मोबाइल छिपाने का स्थान
इस मामले में बरामद डायरी को लेकर भी पुलिस ने अहम जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, डायरी के कई पन्नों को काटकर उसके भीतर मोबाइल फोन छिपाने की जगह बनाई गई थी। आरोप है कि इस तरीके का इस्तेमाल लोगों के गोपनीय वीडियो बनाने के लिए किया जाता था।
पुलिस को आरोपित के मोबाइल फोन से कई लोगों के वीडियो मिले हैं। इन वीडियो की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किन परिस्थितियों में बनाए गए और क्या उनका इस्तेमाल किसी को डराने या दबाव बनाने के लिए किया गया था।
कई राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के मुताबिक, अनुज अग्रवाल के खिलाफ देहरादून में धोखाधड़ी, मारपीट, गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट समेत कई मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश में उसके खिलाफ चार मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पंजाब और ओडिशा में एक-एक तथा गुजरात में भी एक मामला दर्ज होने की बात सामने आई है।
पुलिस संबंधित राज्यों से आरोपित के खिलाफ दर्ज मामलों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। इन मामलों की प्रकृति और मौजूदा स्थिति का सत्यापन किया जा रहा है।
जांच के बाद सामने आएंगे अन्य तथ्य
देहरादून पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले में बरामद मोबाइल फोन, डायरी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपित ने कथित तौर पर कितने लोगों को निशाना बनाया और क्या इस तरह की गतिविधियों में अन्य लोग भी शामिल थे।
निष्कर्ष: प्रॉपर्टी विवाद को लेकर खबर प्रसारित करने की धमकी देकर रंगदारी मांगने के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है। हालांकि, आरोपित के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


