देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 1 नवंबर 2026
राजधानी देहरादून में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के दौरान देर रात मुठभेड़ हो गई। पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के नयागांव के पास चेकिंग कर रही पुलिस टीम का सामना बाइक सवार दो संदिग्ध बदमाशों से हुआ। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन दोनों ने भागने के साथ पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली दोनों बदमाशों के पैर में लगी, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे थे बदमाश
पुलिस के मुताबिक, नयागांव के पास देर रात सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस की नजर फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों पर पड़ी। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक सवार चेकिंग पॉइंट पर रुकने के बजाय बुडपुर की तरफ भागने लगे।
पुलिस ने उनका पीछा किया तो बदमाशों ने टीम पर गोलियां चला दीं। इस दौरान बदमाशों की फायरिंग से पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। अपनी सुरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को मौके से पकड़ लिया।
रुड़की के रहने वाले हैं दोनों घायल आरोपी
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। घायल आरोपियों को उपचार के लिए प्रेमनगर चिकित्सालय भेजा गया। एसपी सिटी शेखर सुयाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर भी मामले की जानकारी ली। वहीं, फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस ने घायल आरोपियों की पहचान शमीम पुत्र इलियास और शहजाद पुत्र इखलाक, निवासी रुड़की, जिला हरिद्वार के रूप में की है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं।
बंद मकानों की रेकी कर चोरी की वारदात को देते थे अंजाम
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पटेलनगर, विकासनगर और सहसपुर समेत देहरादून के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चोरी और नकबजनी की घटनाओं में शामिल होने की बात बताई है।
एसपी सिटी शेखर सुयाल के अनुसार, आरोपी पहले शाम के समय बंद मकानों की रेकी करते थे और मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। चोरी से प्राप्त सामान को हरिद्वार में एक स्थानीय व्यक्ति को बेचने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी एक बार फिर किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने के इरादे से हरिद्वार से देहरादून पहुंचे थे। पटेलनगर और आसपास के इलाकों में बंद घरों की रेकी कर रहे थे। पुलिस की नजर से बचने के लिए उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल पर टैक्सी की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी।
शमीम पर 15 और शहजाद पर 9 मुकदमे दर्ज
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। शमीम के खिलाफ कुल 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि शहजाद पर 9 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। दोनों के खिलाफ देहरादून और हरिद्वार में चोरी, नकबजनी समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसएसपी के अनुसार, दोनों आरोपी पूर्व में कई बार हरिद्वार जेल जा चुके हैं। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।
अन्य वारदातों में संलिप्तता की जांच में जुटी पुलिस
मुठभेड़ के बाद पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि देहरादून और हरिद्वार में हुई अन्य चोरी और नकबजनी की घटनाओं में भी उनकी भूमिका रही है या नहीं। साथ ही चोरी के सामान को खरीदने वाले स्थानीय व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
निष्कर्ष: देहरादून में हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर शहर में सक्रिय आपराधिक गिरोहों पर पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ के आधार पर अन्य आपराधिक घटनाओं से जुड़े मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है।



