डोईवाला (देहरादून), 1 नवंबर 2026
हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालतप्पड़ क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां निजी कंपनी की बस और महिंद्रा एसयूवी के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एसयूवी चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार दो अन्य लोग घायल हो गए। दोनों घायलों को एंबुलेंस की सहायता से एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया। एक ही मार्ग पर दिनभर में तीन सड़क दुर्घटनाएं होने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
बस और एसयूवी की टक्कर में चालक की गई जान
जानकारी के अनुसार, रविवार को हरिद्वार की ओर से देहरादून जा रही एक निजी कंपनी की बस लालतप्पड़ के पास पहुंची। इसी दौरान सामने से आ रही महिंद्रा एसयूवी से उसकी जोरदार टक्कर हो गई।
हादसे में एसयूवी चला रहे शैलेश गुप्ता (37) पुत्र राजकुमार गुप्ता, निवासी जगजीतपुर, जिला हरिद्वार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। कार में मौजूद दो अन्य लोग भी दुर्घटना में घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
एक ही दिन में तीन हादसों से मची अफरा-तफरी
लालतप्पड़ क्षेत्र में केवल बस और एसयूवी की भिड़ंत ही नहीं हुई, बल्कि इसी मार्ग पर दो अन्य सड़क दुर्घटनाएं भी सामने आईं। इन घटनाओं में भी संबंधित वाहनों के चालक चोटिल हुए। लगातार हुए हादसों के कारण हाईवे पर कुछ समय तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेश गुसाईं ने बताया कि बस और कार की भिड़ंत में एसयूवी चालक की मौत हुई है, जबकि दो घायलों को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया है। अन्य दुर्घटनाओं में भी कुछ लोग घायल हुए हैं। पुलिस की ओर से आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
लालतप्पड़ में लगातार हादसे, निर्माण कार्य पर उठे सवाल
हरिद्वार-देहरादून हाईवे का लालतप्पड़ क्षेत्र अब सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे और पुल निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के साथ-साथ निर्माण स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को लगातार खतरा बना हुआ है।
रविवार को एक ही दिन में तीन दुर्घटनाएं होने के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश भी सामने आया। माजरीग्रांट की ग्राम प्रधान निशा देवी और किसान नेता अजीत सिंह प्रिंस ने निर्माण कार्यों की गति और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि हाईवे और पुल निर्माण के दौरान पर्याप्त संकेतक, चेतावनी बोर्ड और जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। इस संबंध में कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
NHAI और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम जनता की जान पर भारी पड़ रही है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के संबंधित अधिकारियों और निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
लोगों ने मांग उठाई है कि लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही लालतप्पड़ क्षेत्र में तत्काल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और हाईवे तथा पुल निर्माण का काम निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए।
निष्कर्ष
लालतप्पड़ में हुआ यह हादसा एक बार फिर हाईवे निर्माण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक व्यक्ति की जान जाने और कई लोगों के घायल होने के बाद स्थानीय लोग प्रशासन तथा NHAI से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। अब जरूरी है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि निर्माण कार्य के दौरान किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।


