1 जुलाई 2025 | रिपोर्ट: उत्तराखंड अपडेट न्यूज पोर्टल
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन को एक बार फिर मजबूती देने का काम किया है। महेंद्र भट्ट को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर पार्टी हाईकमान ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि संगठन में जो प्रदर्शन करेगा, वही सम्मान पाएगा।
देहरादून स्थित भाजपा मुख्यालय में हुई इस घोषणा के साथ ही सीएम पुष्कर सिंह धामी और भट्ट की जोड़ी को आगामी चुनावों की कमान सौंप दी गई है।
एक बार फिर भट्ट पर भरोसा, समीकरण साधने की चतुर रणनीति
भाजपा हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर भट्ट की वापसी के साथ कई रणनीतिक और सामाजिक समीकरण भी साध लिए हैं:
- मुख्यमंत्री कुमाऊं क्षेत्र से हैं, तो अध्यक्ष गढ़वाल से लिया गया।
- मुख्यमंत्री राजपूत, तो अध्यक्ष ब्राह्मण – पार्टी की स्थापित परंपरा के अनुसार संतुलन बरकरार।
- संगठन और सरकार की तालमेल वाली जोड़ी को बनाए रखा गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भट्ट की वापसी से भाजपा 2027 के ‘हैट्रिक मिशन’ को लेकर अधिक संगठित और तैयार दिखाई दे रही है।
भट्ट का पिछला कार्यकाल रहा सफल
2022 में प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद महेंद्र भट्ट ने मुख्यमंत्री धामी के साथ मिलकर पार्टी को चुनावी मोर्चों पर कई उपलब्धियां दिलाईं:
- हरिद्वार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ऐतिहासिक जीत
- हालिया नगर निकाय चुनाव में दमदार प्रदर्शन
- केदारनाथ उपचुनाव में सीट बरकरार रखी
- मंगलौर उपचुनाव में भाजपा पहली बार दूसरे स्थान पर रही
भट्ट ने संसद में राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया, जिससे उनकी सक्रियता और भूमिका और मजबूत हुई।
भट्ट के नामांकन पर वरिष्ठ नेताओं की मुहर
भट्ट के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में उत्तराखंड भाजपा के तमाम बड़े नाम शामिल रहे:
- संगठन महामंत्री अजेय कुमार
- पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत
- केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा
- सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह
- राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी
- कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल
- विधायक विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, विनोद कंडारी और अन्य वरिष्ठ नेता
यह प्रस्तावक सूची दिखाती है कि भट्ट को संगठन के भीतर सर्वस्वीकृति और मजबूत समर्थन प्राप्त है।
राष्ट्रीय परिषद के लिए भी हुए नामांकन
प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के साथ-साथ भाजपा की राष्ट्रीय परिषद सदस्य पदों के लिए भी 8 नेताओं ने नामांकन दाखिल किया। इनमें प्रमुख नाम हैं:
- कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
- केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा
- पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र रावत, तीरथ सिंह रावत
- सांसद अजय भट्ट और माला राज्यलक्ष्मी शाह
नामांकन जांच में सभी दस्तावेज वैध पाए गए। किसी ने नाम वापस नहीं लिया।
प्रदेश प्रभारी ने दी शुभकामनाएं
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम ने नई जिम्मेदारी के लिए महेंद्र भट्ट को शुभकामनाएं दीं। सह प्रभारी रेखा वर्मा की उपस्थिति में यह नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हुई।
अगली चुनौती: पंचायत चुनाव 2025
भले ही मिशन 2027 पर सभी की निगाहें हैं, लेकिन उससे पहले भाजपा के सामने पंचायत चुनाव 2025 की चुनौती है। यह संगठन की पहली परीक्षा होगी जिसमें भट्ट और धामी की नई रणनीति की झलक दिखेगी।
निष्कर्ष:
भाजपा ने महेंद्र भट्ट को दोबारा अध्यक्ष बनाकर यह संदेश दिया है कि स्थायित्व, अनुभव और प्रदर्शन पार्टी की पहली प्राथमिकता हैं। अब सबकी निगाहें सीएम धामी और भट्ट की जोड़ी पर हैं, जो पार्टी को 2027 में एक और जीत दिलाने की दिशा में जुट चुकी है।


