देहरादून | 3 जुलाई 2025
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच पिछले दो दशकों से लंबित परिसंपत्तियों और वित्तीय दायित्वों के मसलों पर अब हल निकलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अहम बैठक करेंगे। यह बैठक दोनों राज्यों के बीच अवशेष संपत्तियों के बंटवारे और निपटारे को लेकर होगी।
बुधवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सीएम धामी ने अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन बिंदुओं पर दोनों राज्यों की पिछली बैठक में सहमति बन चुकी है, उनकी प्रक्रिया को तेज किया जाए और उत्तर प्रदेश के संबंधित विभागों से समन्वय कर जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अब ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में मिलेंगे एडवेंचर के नए विकल्प
बैठक में एक और बड़ी घोषणा सामने आई—अब ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिलों के जलाशयों और नहरों में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की अनुमति मिल चुकी है। इससे इन क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को नए रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
कई वित्तीय बकाया मामलों का निपटारा हुआ
मुख्यमंत्री धामी को अवगत कराया गया कि कई लंबित भुगतान उत्तर प्रदेश द्वारा किए जा चुके हैं। प्रमुख बिंदु:
- उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने बिजली बिलों के मद में ₹57.87 करोड़ का भुगतान किया है।
- उत्तर प्रदेश मत्स्य निगम ने उत्तराखंड मत्स्य पालन विकास अभिकरण को ₹3.98 करोड़ का भुगतान किया है।
- वन विकास निगम उत्तराखंड को मिलने वाली देय राशि का आंशिक भुगतान हो चुका है।
- उत्तराखंड परिवहन निगम की बकाया राशि का भी निपटारा किया जा चुका है।
- आवास विभाग के अंतर्गत आवास विकास परिषद की परिसंपत्तियों के निपटारे का निर्णय भी हो गया है।
लंबित मसलों के निपटारे की उम्मीद बढ़ी
अब सभी की निगाहें सीएम धामी और सीएम योगी की प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं। यह बैठक दोनों राज्यों के बीच पारस्परिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने और लंबित विवादों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
निष्कर्ष:
परिसंपत्तियों और वित्तीय जिम्मेदारियों को लेकर लंबे समय से चल रहे गतिरोध को खत्म करने के प्रयासों में अब तेजी आई है। इस पहल से न केवल प्रशासनिक स्पष्टता आएगी, बल्कि दोनों राज्यों के विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी।


