BREAKING

उत्तराखंड रियल एस्टेट बड़ी खबर: नैनीताल हाईकोर्ट में मामला लंबित, RERA ने ‘भुमा एनक्लेव’ की बिक्री पर लगाई रोक

देहरादून/हरिद्वार | 3 जुलाई 2025

उत्तराखंड की रियल एस्टेट परियोजनाओं में एक बड़ा मामला सामने आया है। हरिद्वार के ज्वालापुर और रानीपुर क्षेत्रों में चल रही ‘भुमा एनक्लेव’ परियोजना पर उत्तराखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने तत्काल प्रभाव से संपत्ति बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि यह परियोजना दिल्ली हाई कोर्ट में मध्यस्थता (Arbitration) प्रक्रिया के अधीन है, जिसकी जानकारी रजिस्ट्रेशन के वक्त छिपाई गई थी।

न्यायिक प्रक्रिया के बीच चल रही थी प्लॉट बिक्री

RERA के अध्यक्ष अमिताभ मैत्रा के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली कि भुमा एनक्लेव परियोजना से संबंधित वाद दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद इस परियोजना में प्लॉट्स और संपत्तियों की बिक्री की जा रही थी, जिससे खरीदारों के हित प्रभावित हो सकते थे।

परियोजना संचालक को नोटिस, डीएम को निर्देश

परियोजना संचालक विनोद कुमार गोस्वामी (निवासी गाजियाबाद) को RERA की ओर से नोटिस भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान हाई कोर्ट में लंबित मामले की जानकारी जानबूझकर छुपाई, जो कि RERA अधिनियम 2016 के तहत नियमों का उल्लंघन है।

नोटिस की प्रमुख बातें:

  • परियोजना में किसी भी प्रकार की बिक्री, आवंटन या रजिस्ट्री पर अग्रिम आदेश तक रोक।
  • संचालक को 23 जुलाई 2025 तक जवाब दाखिल करने के निर्देश।
  • जवाब न मिलने की स्थिति में विधिक कार्रवाई की चेतावनी।
  • जिलाधिकारी हरिद्वार को परियोजना से जुड़ी सभी रजिस्ट्री प्रक्रियाओं को रोकने के लिए निर्देशित किया गया।

बैंक खाते और आवंटन का विवरण भी मांगा गया

RERA ने परियोजना से जुड़े अब तक के सभी संपत्ति आवंटन का अलग-अलग विवरण, और बैंक खातों की पूरी जानकारी एक शपथपत्र के माध्यम से देने को कहा है। यह जानकारी यह सुनिश्चित करने के लिए मांगी गई है कि परियोजना में हुई सभी आर्थिक गतिविधियां पारदर्शी और कानूनन मान्य हैं या नहीं।


क्या है खरीदारों के लिए संदेश?

यदि आपने ‘भुमा एनक्लेव’ परियोजना में प्लॉट बुक कराया है या रजिस्ट्री की प्रक्रिया में हैं, तो अब आपको रुकना होगा। जब तक RERA की जांच पूरी नहीं हो जाती और आदेश नहीं आता, तब तक कोई भी संपत्ति क्रय-विक्रय वैध नहीं मानी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *