देहरादून | विशेष रिपोर्ट | तिथि – 6 जुलाई 2025
उत्तराखंड में लागू की गई समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी की जा रही है। सरकार अब उन पुराने विवाहों के पंजीकरण की अनुमति देने जा रही है, जिनमें एक साथी विवाह के समय नाबालिग था, लेकिन अब दोनों की उम्र 22 वर्ष से अधिक हो चुकी है।
• हालांकि यह छूट केवल UCC लागू होने से पहले हुए विवाहों पर ही लागू होगी।
• नए विवाहों में यदि कोई साथी नाबालिग है, तो पंजीकरण नहीं होगा।
क्या है बदलाव का कारण?
राज्य में 27 जनवरी, 2025 से UCC लागू है। इसके तहत 27 मार्च, 2010 के बाद होने वाले सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। नियमों में यह भी तय किया गया है कि यदि विवाह के समय कोई भी पक्ष 18 वर्ष (महिला) या 21 वर्ष (पुरुष) से कम था, तो उस विवाह का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
लेकिन, व्यवहारिक तौर पर यह सामने आया कि कई ऐसे विवाह UCC लागू होने से पहले हुए, जिनमें विवाह के समय एक साथी नाबालिग था, और अब वे बालिग हो चुके हैं और एक साथ शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं।
इन जोड़ों को विवाह पंजीकरण से वंचित करना व्यवहारिक और सामाजिक रूप से अनुचित माना गया।
क्या होगा नया प्रावधान?
गृह विभाग नियमावली में संशोधन कर यह बदलाव लाएगा कि:
“यदि 27 जनवरी 2025 से पहले हुआ कोई विवाह है और उसमें दोनों साथी अब 22 वर्ष या उससे अधिक के हो चुके हैं, तो उनका विवाह वैध रूप से पंजीकृत किया जा सकेगा।”
यह निर्णय हाल ही में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।
नए विवाहों में नहीं मिलेगी यह छूट
गृह सचिव शैलेश बगौली ने साफ किया कि यह छूट केवल पुराने मामलों पर लागू होगी।
“27 जनवरी 2025 के बाद हुए किसी भी नए विवाह में, यदि कोई पक्ष विवाह के समय नाबालिग पाया गया, तो उसका पंजीकरण किसी भी स्थिति में नहीं किया जाएगा।”
UCC लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड
उत्तराखंड ने भारत का पहला राज्य बनकर UCC को 27 जनवरी 2025 को लागू किया था। इसके तहत:
- धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर अलग-अलग विवाह और संपत्ति के नियम समाप्त किए गए।
- सभी नागरिकों के लिए एकसमान कानून लागू हुआ।
- विवाह, तलाक, गोद लेने, विरासत जैसे मुद्दों पर एकसमान कानूनी ढांचा तैयार किया गया।
क्यों जरूरी था ये बदलाव?
- UCC लागू होने के बाद हजारों जोड़ों के विवाह अटक गए थे, क्योंकि वे नियमों के अनुसार अपंजीकृत थे।
- सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से ये जोड़े कानूनी अधिकारों से वंचित हो रहे थे।
- सरकार को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं, जिससे यह बदलाव जरूरी हो गया।
आपका विवाह भी इस श्रेणी में आता है? ऐसे करें पंजीकरण —
जल्द ही गृह विभाग संशोधित नियमावली जारी करेगा, जिसके बाद संबंधित जोड़े स्थानीय उप-पंजीयक कार्यालय में आवेदन कर सकेंगे।
इसके लिए जरूरी दस्तावेज़ों की सूची और प्रक्रिया जल्द घोषित की जाएगी।


