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उत्तराखंड में परिवहन सेवा को नई रफ्तार: सीएम धामी ने किया 20 नई एसी यूटीसी मिनी बसों का शुभारंभ, मसूरी-नैनीताल रूट पर मिलेंगी सुविधाएं

देहरादून | उत्तराखंड न्यूज़


पर्यटन और परिवहन के क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार ने एक और बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को 20 नई वातानुकूलित यूटीसी मिनी बसों (टेंपो ट्रैवलर) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन मिनी बसों को खासतौर पर देहरादून-मसूरी और हल्द्वानी-नैनीताल रूट पर संचालित किया जाएगा, जिससे पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।


कहां चलेंगी ये नई बसें?

  • 10 टेंपो ट्रैवलर: देहरादून से मसूरी रूट पर
  • 10 टेंपो ट्रैवलर: हल्द्वानी से नैनीताल रूट पर

यह पहल न केवल आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि पर्यटन स्थलों पर यातायात जाम की समस्या को भी काफी हद तक कम करेगी।


फ्लैग ऑफ से पहले सीएम ने खुद किया सफर

मुख्यमंत्री धामी ने नई सेवा की शुरुआत के मौके पर स्वयं एक टेंपो ट्रैवलर में सवार होकर कैंप कार्यालय से जीटीसी हेलीपैड तक का सफर किया। उन्होंने इसे एक आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प बताया।


क्या बोले मुख्यमंत्री धामी?

“ये वातानुकूलित टेंपो ट्रैवलर राज्य के परिवहन तंत्र को मजबूत बनाएंगे। अगर यह मॉडल सफल रहता है तो ऐसी सेवाओं को अन्य रूट्स पर भी बढ़ाया जाएगा।”

सीएम ने कहा कि तीन साल से परिवहन निगम मुनाफे में चल रहा है, और अब समय है कि आधुनिक तकनीक और सेवाएं इसमें और जोड़ी जाएं।


राज्य परिवहन में हो रहे बड़े बदलाव:

  • डिजिटल टिकटिंग और ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम लागू
  • जीपीएस ट्रैकिंग से हर रूट पर निगरानी
  • जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें भी होंगी शामिल
  • कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग, डीए बढ़ोतरी जैसी सुविधाएं दी गईं
  • नयी भर्तियों के जरिए मानवीय संसाधन को मजबूत किया गया

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर वातानुकूलित मिनी बसों की यह शुरुआत उत्तराखंड की पर्यटन छवि को और भी प्रबल बनाएगी। पहाड़ों की घुमावदार सड़कों पर यात्रियों को अब अधिक आराम और सुरक्षित अनुभव मिलेगा।


निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री की यह पहल एक तरफ जहां परिवहन निगम को मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। यदि यह मॉडल सफल होता है तो जल्द ही उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी इस तरह की सेवाएं देखने को मिल सकती हैं।

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