स्थान: देहरादून
तारीख: 8 जुलाई 2025
बुजुर्ग पर हमले ने खोली पोल — देहरादून में कानून ताक पर
राजपुर क्षेत्र के किशननगर में रविवार तड़के 75 वर्षीय कौशल्या देवी पर उनके पड़ोसी के दो रॉटविलर कुत्तों ने जानलेवा हमला कर दिया।
घटना ने राजधानी में पालतू कुत्तों की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
हकीकत: 300 से ज्यादा ‘खतरनाक नस्लों’ के कुत्ते देहरादून में मौजूद
नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, राजधानी में:
- 300+ खतरनाक नस्लों के पालतू कुत्ते पंजीकृत हैं
- दर्जनों कुत्ते बिना पंजीकरण के पाले जा रहे हैं
इन नस्लों में शामिल हैं:
- रॉटविलर
- पिटबुल
- डाबरमैन
- अमेरिकन बुली
- फ्रेंच मास्टिफ
- बुल टेरियर, बुली कुट्टा
…और अन्य ‘हाई रिस्क कैटेगरी’ नस्लें
23 नस्लों पर केंद्र सरकार का प्रतिबंध, फिर भी खुलेआम पालन!
12 मार्च 2024 को भारत सरकार ने 23 खतरनाक नस्लों के कुत्तों पर प्रतिबंध लगाया था।
इसमें साफ निर्देश था कि:
- आयात नहीं होगा
- प्रजनन नहीं किया जाएगा
- बिक्री नहीं होगी
- पालन भी सीमित नियमों के साथ ही संभव है
इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
नगर निगम में पंजीकरण की स्थिति (2025)
अब तक इस साल के भीतर केवल 14 कुत्तों का पंजीकरण हुआ है जो खतरनाक नस्लों की श्रेणी में आते हैं।
पंजीकरण सशर्त किया गया है:
- नसबंदी अनिवार्य
- एंटी-रेबीज वैक्सीन
- मसल्स पहनाना
- प्रशिक्षित हैंडलर रखना
- सार्वजनिक स्थान पर खुला नहीं छोड़ना
विशेषज्ञ बोले – शहर में बनती जा रही है ‘साइलेंट पिटबुल कल्चर’
पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार:
“अभिजात वर्ग में फैशन और सुरक्षा के नाम पर खतरनाक नस्लें पाली जा रही हैं, लेकिन इनके ट्रेनिंग, देखरेख और सुरक्षा उपायों की घोर अनदेखी हो रही है।”
खतरे की घंटी: इंसानों पर हो चुके हैं हमले
- देहरादून में अब तक 2025 में 3 बड़े हमले
- रविवार को बुजुर्ग महिला पर रॉटविलर का हमला, 200 से अधिक टांके लगे
- अन्य मामलों में भी बिना लाइसेंस और बगैर ट्रेनिंग के कुत्ते जिम्मेदार पाए गए
नगर निगम के सामने अब बड़ी चुनौती
शहर में बिना पंजीकरण रखे जा रहे खतरनाक नस्लों के कुत्तों की मैपिंग और रजिस्ट्रेशन करना जरूरी हो गया है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार:
“हम जल्द ही अभियान चलाकर ऐसे सभी पालतू कुत्तों का सत्यापन करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।”


